मैनपुरी। शहर में धड़ल्ले से काटी जा रहीं अवैध कॉलेनियां आगे चलकर खरीदने वालों के लिए मुसीबत बनेंगी। क्योंकि प्रशासन ये पहले ही साफ कर चुका है कि इन अवैध काॅलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले किसी भी कार्रवाई या नुकसान के लिए खुद ही जिम्मेदार होंगे। बाद में उनकी कोई दलील काम नहीं आएगी।
मैनपुरी में अवैध कॉलोनियों की बसाहट ईशन नदी के डूब क्षेत्र से शुरू हुई थी। इसके बाद अन्य जमीनों पर भी अवैध कॉलेनियां बसाई गईं। वर्तमान में भी ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोशाला के पास काटी जा रही अवैध कॉलोनी इसी का एक नमूना है। इसी तरह अन्य कॉलोनियां भी बिना अनुमति के ही काटी जा रही हैं। इनमें लोग अपने जीवन की मोटी कमाई लगाकर ऊंचे दामों पर प्लॉट खरीद रहे हैं। लेकिन वे इस बात से अंजान हैं कि अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की दशा में वे खुद ही जिम्मेदार होंगे। अपनी पूरी पूंजी लगाने के बाद भी उनके द्वारा किए गए निर्माण जहां अवैध रहेंगे तो वहीं दूसरी तरफ किसी कार्रवाई की दशा में भी वे बच नहीं सकेंगे।
विनियमित क्षेत्र कार्यालय की ओर से भी ऐसे खरीदारों को लगातार नोटिस जारी किए जाते रहते हैं। अवैध कॉलोनियां काटने वाले कॉलोनाइजर्स को ये बात पता होती है। लेकिन वे केवल प्लॉट बेचकर अपनी जेबें भर लेते हैं। यही कारण है कि प्रशासन समय-समय पर अपील करता रहता है कि अगर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदें तो अपनी जिम्मेदारी पर ही खरीदें।
एक हजार से अधिक खरीदारों को जारी हो चुके हैं नोटिस
ये पहली बार नहीं हैं जब अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने वाले मुश्किल में पड़ सकते हैं। इससे पहले भी विनियमित क्षेत्र कार्यालय द्वारा बड़े पैमाने पर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। बीते दो साल में एक हजार के करीब खरीदारों को नोटिस दिए गए हैं, जिन्होंने अवैध कॉलोनी में प्लॉट खरीदकर निर्माण कार्य कराया है। उनसे जवाब मांगा गया है कि उनके निर्माण को ध्वस्त करने की कार्रवाई क्यों न की जाएगी। लेकिन उनके पास नोटिस का कोई जवाब नहीं है।
वर्जन
अगर अवैध कॉलोनी है, उसकी अनुमति नहीं है तो उस पर कार्रवाई होना तय है। ऐसे में खरीदार अपनी जिम्मेदारी पर ही खरीदें। विनियमित क्षेत्र कार्यालय या प्रशासन से खरीदारों को राहत नहीं मिल सकेगी।
-मुकेश कुमार, अवर अभियंता विनियमित क्षेत्र।