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Agra News: झोपड़ी में लगी आग में जिंदा जली चार साल की मासूम

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घिरोर। गांव नगला केहरी में मंगलवार की शाम एक झोपड़ी में किसी कारण से आग लग गई। झोपड़ी में खेल रहे तीन बच्चे तो बाहर निकल आए। लेकिन एक चार वर्षीय मासूम की आग में जलकर मौत हो गई। ग्रामीणों ने आग पर किसी तरह से काबू किया लेकिन तब तक आग दूसरी झाेपड़ी तक पहुंच गई। दमकलकर्मी भी मौके पर पहुंच गए। तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर घटना के बारे में जानकारी जुटाई। थाना क्षेत्र के गांव नगला केहरी के डेरा बंजारा में मंगलवार की शाम मजदूर सलीम की झोपड़ी में किसी कारण के चलते आग लग गई। आग लगने के दौरान सलीम के चार बच्चे झोपड़ी के अंदर खेल रहे थे। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। इस बीच तीन बच्चे तो जान बचाकर बाहर निकल आए। लेकिन चार साल की मासूम शबनम आग की लपटों में घिर गई। आग लगने की जानकारी होने के बाद घटनास्थल पर ग्रामीण एकत्र हो गए। पानी आदि डाल कर झोपड़ी में लगी आग को बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। जब तक आग को बुझाया और बच्ची को बाहर निकाला गया। तब तक शबनम की जलने की वजह से मौत हो चुकी थी।
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ग्रामीण अभी कुछ समझ पाते, तब तक आग पड़ोसी इस्लाम की झोपड़ी तक पहुंच गई। आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकलकर्मी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक ग्रामीणों ने आग पर काबू कर लिया था। मासूम शबनम की मौत की सूचना के बाद तहसीलदार रवीश कुमार, प्रभारी निरीक्षक भोलू सिंह भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने घटना के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय स्थित मोर्चरी भिजवाया। हादसे के बाद मृतका के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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मजदूरी करने गए थे माता पिता
नगला केहरी डेरा बंजारा निवासी सलीम और उसकी पत्नी रूबी मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं। मंगलवार को दंपती मजदूरी करने के लिए गए थे। चार साल की पुत्री शबनम को बड़े भाई बहनों के साथ छोड़ गए थे। घटना के समय चारों बच्चे झोपड़ी में खेल रहे थे। इस बीच आग किसी तरह से लगी। इस बात की समाचार लिखे जाने तक कोई पुख्ता जानकारी हासिल नहीं हो सकी थी। ग्रामीणों का कहना था कि चूल्हे की चिंगारी से झोपड़ी में आग लगी थी। चार साल की मासूम बेटी की मौत की खबर मिलने के बाद माता पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
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