बेवर मंडी में चबूतरों पर कब्जा होने से सड़क पर मक्का सुखाते किसान।
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बेवर। कृषि उत्पादन मंडी समिति बेवर में किसानों के लिए आराम कक्ष, ठंडा पानी, छाया का कोई इंतजाम नहीं है। किसानों की फसल को रखने व सुखाने के लिए बनाए चबूतरों पर आढ़तियों ने कब्जा कर लिया है। तीन वर्षों में नौ करोड़ से अधिक का राजस्व देने वाली मंडी में किसान सुविधाएं पाने के लिए तरस रहे हैं।
मंडी में किसानों के लिए आराम स्थल का निर्माण नहीं किया गया है। साफ-सफाई भी ठीक नहीं है। कई स्थानों पर जलभराव के चलते गंदगी दिखाई है। प्यास बुझाने के लिए केवल इंडिया मार्का नल हैं। भीषण गर्मी में ठंडे पानी को पीने के लिए किसानों को पानी की बोतल खरीदनी पड़ती हैं। कैंटीन बंद पड़ी है। सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसानों के लिए बनाए गए छह चबूतरों पर आढ़तियों ने स्थाई कब्जा कर लिया है। बरसात के मौसम में किसानों को मक्का व मूंगफली की फसल सुखाने के लिए भटकना पड़ता है। किसान संतोष कुमार, वीरेंद्र सिंह, महेश सिंह, राजीव, किशनपाल, श्रीचंद, कैलाश ने मंडी में किसानों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है।
मंडी में साफ सफाई की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। शासन से पैसा मिलते ही किसानों की सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा। किसानों को दुर्घटना बीमा राशि तथा उपहार योजना का लाभ दिया जा रहा है। मंडी परिसर से अतिक्रमण हटाने के लिए स्थान चिन्हित कर नोटिस भेजे जा चुके हैं।
गौरव कुमार मंडी सचिव
मंडी में किसानों के लिए बनाए चबूतरों को खाली कराया जाना चाहिए जिससे किसान अपनी फसल सुखा सकें। ठंडे पानी की भी मंडी में सुविधा दिलाई जानी चाहिए।
कैलाश, किसान
मंडी में किसानों के लिए बनी कैंटीन को चालू कराया जाना चाहिए। ताकि किसान मंडी में अपनी भूख मिटा सकें। मंडी में बनाए गए चबूतरे खाली कराए जाने चाहिए।
श्रीचंद्र, किसान
बेवर मंडी सरकार को अच्छा राजस्व दे रही है। मंडी में 120 आढ़ती हैं। केवल 50 आढ़तियों को पक्की दुकानें मिली हैं। शेष आढ़तियों के लिए भी पक्की दुकानों का निर्माण कराया जाना चाहिए।
यशपाल सिंह, अध्यक्ष आढ़ती संघ