बेवर। जनपद के विकास खंड बेवर की बात करें तो बीते माह में एक से लेकर 31 अक्तूबर तक क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों व कस्बों में 500 लोगों को कुत्तों ने काटकर घायल कर दिया। सीएचसी पर दर्ज अक्तूबर माह के आंकड़ों की माने तो 306 लोगों को आवारा कुत्तों ने तो 194 लोगों को पालतू कुत्तों ने अक्तूबर में काटा। अगस्त माह में 318 लोगों को कुत्तों ने लोगों पर हमले किए थे। सितंबर में 552 लोगों को कुत्तों ने काटकर घायल किया था।
बताते चलें कि विकास क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक है, जिम्मेदार विभाग इस मामले में आंखें मूंदे हुए हैं। आवारा कुत्तों के आतंक की बात करें तो अकेले 3 नवंबर को ही एक दर्जन अधिक लोग कुत्तों के काटने से वैक्सीन लगवाने सीएचसी पहुंचे। यह चंद दिनों के आंकड़े आवारा कुत्तों से आतंक की भयावह तस्वीर आपके सामने पेश कर रहे हैं। कस्बे की बात करें तो अकेले कस्बे में ही लगभग तीन सैकड़ा से अधिक आवारा कुत्तों के झुंड विचरण करते हुए मिल जाएंगे। बेवर विकास क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों की संख्या में कस्बे के आवारा कुत्तों की संख्या जोड़ दी जाए तो यह संख्या हजारों की तादात में पहुंच जाएगी।
कई दफा यह आवारा कुत्ते दुपहिया वाहन से निकलने वाले लोगों को दौड़ा लेते हैं। आवारा कुत्तों के आतंक का आलम यह है कि सुबह टहलने जाने में भी लोग अब भय खाने लगे हैं। कस्बा व क्षेत्र के लोगों ने कई बार जिलाधिकारी से मामले को संज्ञान में लेकर उचित कदम उठाने की मांग की है।
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सीएचसी प्रभारी डॉ. आशुतोष का कहना है भूख की वजह से कुत्ते आक्रामक हो जाते हैं। इससे वह लोगों पर हमला करते हैं। कुत्ता के काटे जाने पर कटे स्थान को साबुन के साथ साफ पानी से धोना चाहिए तथा अस्पताल में आकर एंटी रैबीज इंजेक्शन की पांच डोज निश्चित समय पर लगवानी चाहिए।