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Agra News: मैनपुरी महायोजना 2031 को मिली मंजूरी, अब होगा पूर्ण शहरीकरण

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मैनपुरी महायोजना 2031 का नक्शा। - फोटो : प्रशासन
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मैनपुरी। शहरवासियों के लिए खुशी की बात है। भारत सरकार की अमृत योजना के तहत मैनपुरी महायोजना-2031 को सशर्त मंजूरी मिल गई है। इस महायोजना के संशोधित मानचित्रों को विनियमित क्षेत्र कार्यालय, कलेक्ट्रेट परिसर में आम जनता के लिए प्रदर्शित किया गया है। लोग कार्यालय जाकर इन मानचित्रों को देख सकते हैं।
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शहर में पैदल चलने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक फुटपाथ, परिवार के मनोरंजन के लिए थीम पार्क, टाकीज और दूसरे संसाधन, सुरक्षित सड़कें और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम के ख्वाब के साथ नगर पालिका के वर्ष 1989 में पहली बार नगर के विकास के लिए महायोजना बनवाई थी। तब से यही महायोजना लागू है। इसके बाद 2022 में फिर से महायोजना पर काम शुरू हुआ। 2031 तक शहर के समग्र विकास की परिकल्पना करते हुए तत्कालीन डीएम अवीनाश कृष्ण ने एसडीएम सदर/विनियमित क्षेत्र अधिकारी से इसे तैयार कराया। इसे शासन को भी भेजा गया था। इस फाइल में जेल तिराहा से लेकर ललूपुरा तक के मार्ग को सौंदर्यीकरण आदि का उल्लेख किया गया। शासन ने इस फाइल पर कुछ जवाब मांगे। अब तीन साल बाद डीएम अंजनी कुमार सिंह और एसडीएम सदर अभिषेक कुमार की मेहनत के बाद शासन ने इसे मंजूरी दे दी है।



अब होगा नियमों का पालन नहीं

शहर में कई आलीशान भवन और शॉपिंग कॉम्पलेक्स पूर्व में बने हैं। लेकिन, किसी ने भी अपने यहां वाहनों की पार्किंग के प्रबंध नहीं कराए हैं। इसमें भी ज्यादातर निर्माण बिना नक्शा पास कराए ही बना लिए गए हैं। अतिक्रमण के चलते पूरे शहर में एक भी सड़क ऐसी नहीं है, जिसमें फुटपाथ सुरक्षित बचे हों। जहां फुटपाथ हैं भी, वहां अराजकों ने अपना कब्जा कर लिया है। पैदल चलने वालों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। पूरे शहर में जल निकासी के प्रबंध नहीं हैं। थोड़ी सी बारिश होती है और पानी सड़कों पर भर जाता है। शहर में निर्माण के लिए नक्शा पास कराने के साथ दूसरी औपचारिकताओं को पूरा करना होता है। लेकिन, इन सबके लिए जिम्मेदार विनियमित क्षेत्र ने नियम ही ताक पर रख दिए। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता ऐसे अवैध निर्माणों का निरीक्षण नहीं करते हैं। ईशन नदी के डूब क्षेत्र में धड़ल्ले से खडे़ हो रहे कंक्रीट के जंगलों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। मगर, अब नई महायोजना के बाद इस प्रकार के अनैतिक निर्माणों पर रोक लग जाएगी।
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2022 में तैयार की गई महायोजना के संबंध में शासन स्तर से कुछ जवाब मांगे गए थे। उनको दे दिया गया है। अंतिम प्रेजेंटेशन के बाद शासन ने इसे लागू करने की कार्रवाई को हरी झंडी दे दी है।
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- अंजनी कुमार सिंह, डीएम
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