मैनपुरी। डीएपी के लिए अब किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। शासन ने बड़ी मात्रा में मैनपुरी को डीएपी उपलब्ध कराने के लिए आदेश जारी कर दिया है। बीते तीन दिनों में तीन रैक मैनपुरी पहुंच चुकी हैं। इस बार निजी कंपनियों की डीएपी का 30 प्रतिशत भाग समितियों के माध्यम से ही बांटा जाएगा। बृहस्पतिवार को आईपीएलल की 800 मीट्रिक टन टीएसपी भी मैनपुरी पहुंच गई।
गेहूं और आलू की बुवाई में किसानों के सामने डीएपी का संकट खड़ा हो गया था। निजी दुकानों पर जहां डीएपी मिल नहीं रही थी तो वहीं सहकारी समितियों पर भी हाल बेहाल था। यहां दिन भर लाइन में लगने के बाद भी किसानों को मायूसी ही हाथ लगती थी। लेकिन बीते तीन दिनों से किसानों को कुछ राहत मिली है। इफ्को और आरसीएफ के बाद अब बृहस्पतिवार को आईपीएल कंपनी की टीएसपी यानी ट्रिपल सुपर फॉस्फेट की रैक भी मैनपुरी पहुंच गई। इसमें कुल 800 मीट्रिक टन खाद मैनपुरी पहुंची है।
शासन का सख्त आदेश है कि सरकारी के साथ-साथ निजी कंपनियों की डीएपी का भी एक भाग समितियों के माध्यम से ही बांटा जाए। आदेश के अनुसार कृषि विभाग और सहकारिता विभाग ने इसके लिए काम शुरू कर दिया है। आरसीएफ और आईपीएल दोनों ही कंपनियों की डीएपी और टीएसपी का 30 प्रतिशत भाग समितियों पर भेजा जा रहा है। इसके अलावा पीपीएल, कोरोमंडल समेत डीएपी की अन्य रैक भी मैनपुरी पहुंचेंगी।
डीएपी और टीएसपी हैं एक समान
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूर्यप्रताप सिंह ने बताया कि डीएपी और टीएसपी उर्वरक एक समान हैं। दोनों में फॉस्फोरस की मात्रा एक समान ही रहती है। उन्होंने बताया कि किसान डीएपी के स्थान पर टीएसपी भी फसल में डाल सकते हैं। इससे फसल को उतना ही फायदा होगा, जितना डीएपी से होता है।