बिछवां। थाना क्षेत्र के नगला पाल गांव में 2 साल पहले हुई बीएसएफ कर्मी की मां की मौत का मामला अब हत्या और डकैती में बदल गया है। बीएसएफ में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात लाल सिंह ने कोर्ट के जरिये बिछवां थाने में हत्या और डकैती की धाराओं में केस दर्ज कराया है।
लाल सिंह ने कोर्ट में दी अर्जी में आरोप लगाया कि 2 जून 2023 को उनकी मां घर पर अकेली थीं। उनकी सेवा के लिए प्रेम नारायण और उनकी पत्नी मीरा देवी भी साथ रहती थी, जो खेती का काम भी देखते थे। 2 जून 2023 की रात करीब 12 बजे प्रेम नारायण और मीरा देवी ने अपने रिश्तेदार महारानी, दलवीर, दलवीर की पत्नी कृष्णा कुमारी, अतुल, अतुल की पत्नी पिंकी, अखिलेश, रजनीश, और रीना के साथ मिलकर उनकी मां की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद घर में रखे 2 लाख रुपये और करीब 8 लाख रुपये के जेवर (जिसकी वर्तमान कीमत 20 से 25 लाख रुपये है) लूट लिया और आपस में बांट लिया। घटना का पता लगा तो वह छुट्टी लेकर गांव आए, जिसके बाद उन्हें इस पूरे रहस्य का पता चला। उनकी मां का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। लाल सिंह का आरोप है कि डॉ. अभिषेक यादव, जो कि आरोपियों में से किसी एक के रिश्तेदार हैं, उसने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण अटैक दिखाया है, जो कि पूरी तरह से गलत है। इस कारण पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। न्यायालय में अर्जी दी गई। कोर्ट ने पूरे प्रकरण की सुनवाई के बाद थाना बिछवां पुलिस को केस दर्ज कर विवेचना रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। थाना बिछवां इंस्पेक्टर ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।