भोगांव स्थित आमोद मेमोरियल स्कूल की बिल्डिंग से हटाया गया ग्लोबल एकेडमी का बोर्ड।
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मैनपुरी। बालाजी ग्लोबल एकेडमी की जांच के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जांच समिति का गठन किया है। अमर उजाला में 7 अगस्त 2025 को खबर प्रकाशित होने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
बीएसए दीपिका गुप्ता ने बताया कि प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी नगर रवि प्रकाश और खंड शिक्षा अधिकारी सुल्तानगंज सर्वेश यादव को जांच सौंपी गई है। कमेटी को दो दिनों के भीतर गहन जांच कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। जांच के मुख्य बिंदु हैं कि मान्यता की स्थिति का पता लगाया जाए कि विद्यालय प्रबंधक ने किस भवन के लिए मान्यता प्राप्त की है। भूमि/भवन का मालिकाना हक जैसे उस विद्यालय की भूमि और भवन किसके नाम पर पंजीकृत है। क्या संबंधित भवन के लिए अग्निशमन विभाग का प्रमाण पत्र मौजूद है। अगर, है तो उसकी प्रति उपलब्ध कराएं। विद्यालय के भवन का नेशनल बिल्डिंग कोड प्रमाण पत्र की प्रति सहित प्रस्तुत करने को कहा है। जांच अधिकारियों को स्पष्ट साक्ष्यों के साथ आख्या देने का निर्देश दिया गया है। आदेश में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
खबर छपी तो हटाया बालाजी ग्लोबल एकेडमी का बोर्ड
अमर उजाला में खबर छपने के बाद बालाजी ग्लोबल एकेडमी का प्रबंधन भी हरकत में आ गया। भोगांव स्थित डायट के पास संचालित जिस आमोद मेमोरियल स्कूल पर बालाजी ग्लोबल एकेडमी का बोर्ड लगाकर उस भवन में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उक्त भवन से बालाजी ग्लोबल एकेडमी का बोर्ड उतार दिया गया। हालांकि भवन के भीतर कक्षाएं बालाजी ग्लोबल एकेडमी की ही संचालित हुई।
डीएम बोले गहन जांच कराएंगे, सीबीएसई बोर्ड को भी पत्र लिखेंगे
डीएम अंजनी कुमार सिंह ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिस्टम को धोखा देने वाला है। इस मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका गुप्ता राजा का बाग में कक्षा पांच और कक्षा आठ तक संचालित स्कूलों की बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता संबंधी व अन्य बिंदुओं पर जांच करा रही हैं। इसके अलावा एक जांच एक डीआईओएस को भी करने को कहा है, जिसमें जांचा जाएगा कि आखिर कैसे आमोद मेमोरियल स्कूल की बिल्डिंग में बालाजी ग्लोबल एकेडमी संचालित हो गई। एक मान्यता है तो एक ही स्कूल चलेगा। अनियमितता के संबंध में सीबीएसई बोर्ड को भी पत्र लिखा जाएगा।