भोगांव(मैनपुरी)। अधिवक्ता को हथकड़ी लगाकर एसडीएम कोर्ट में पेश करने और एसडीएम के आदेशों की लगातार अवहेलना करने वाले दूसरे पक्ष के व्यक्ति को जमानत पर रिहा करने के विरोध में तहसील अधिवक्ता परिषद ने 31 जुलाई तक न्यायालयों के बहिष्कार करने की घोषणा की है। थाना प्रभारी बेवर की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की मांग की गई है।
थाना बेवर के प्रभारी निरीक्षक द्वारा शांतिभंग करने के आरोप में तहसील के वकील विशाल रस्तोगी को शनिवार को हथकड़ी लगाकर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया था। सोमवार को जैसे ही तहसील खुली, अधिवक्ताओं की मांग पर बैठक बुलाई गई। बताया गया कि विशाल रस्तोगी के खेत में एसडीएम के आदेश से लगाई गई पक्की मुड्डी को उखाड़ कर फेंक देने वालों के खिलाफ एसडीएम के ही आदेश से बेवर थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष प्रबोध विक्रम सिंह ने बताया कि जब अधिवक्ता की रिपोर्ट दर्ज की गई तो उसी आरोपी के कहने पर वकील को थाना प्रभारी का अपराधी की भांति हथकड़ी लगाकर कोर्ट में पेश करना गैर कानूनी प्रक्रिया है। वह स्वयं कुछ अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम से मिले और उनके आदेशों की लगातार अवहेलना करने वाले को जेल भेजने की मांग की। तो उन्होंने अधिवक्ता की हथकड़ियां खुलवाकर रिहा कर दिया। देर रात दूसरे पक्ष के अवधेश सिंह शाक्य निवासी प्रागपुर को भी रिहा कर दिया।
अध्यक्ष ने 31 जुलाई तक कार्य बहिष्कार करने तथा एक अगस्त को दोबारा बैठक बुलाकर निर्णय लेने की घोषणा की। रमेशचंद्र तिवारी, सुबोध सक्सेना, जय कुमार दुबे, तेजसिंह वर्मा, राजबहादुर चौहान, अजय दीक्षित, राजेश सिंह, शिव कुमार दुबे, शिशुपाल सिंह, हरिओम यादव, केके पांडेय मौजूद रहे।