सुधीर सिंह का फाइल फोटो
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होटल में कारोबारी की मौत की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा, सीओ सिटी कालू सिंह सहित कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची। बुधवार को होटल पहुंचे मृतक के भतीजे विश्वप्रताप ने बताया कि गांव में परिवार की पुरानी रंजिश चल रही है। इस मामले में विरोधी पक्ष ने थाना बेवर में सुधीर सिंह, उसके भाई प्रदीप प्रताप व भतीजे सूर्यप्रताप पर 307 में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई थी।
एक व्यक्ति से मिलनए आए थे एटा
पांच मई को प्रदीप और सूर्यप्रताप को पुलिस ने ईंट प्लांट से गिरफ्तार कर लिया। उसी मामले में सुधीर एक व्यक्ति से सिफारिश कराने एटा आए थे, जिससे निष्पक्ष जांच हो सके। विश्वप्रताप ने बताया कि रात साढ़े 11 बजे चाचा सुधीर से बात हुई थी। बुधवार सुबह 4:45 बजे शिवलखन की कॉल आई। बताया कि सुधीर की मौत हो गई है। विश्वप्रताप ने शक जताया है कि सुधीर को खाने में कुछ दिया गया है, जिससे मौत हुई है।
फॉरेसिंक टीम ने लिए नमूने
फॉरेसिंक टीम ने नमूने लिए। डॉग स्क्वायड और एसओजी टीम ने भी जांच की। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सीओ सिटी ने कमरे में मिली शराब की बोतलों को स्कैन करके देखा। होटल स्टाफ ने बताया कि रेलवे रोड स्थित एक ठेके से शराब आई थी। सीओ सिटी ने मंगलवार रात खाने के दौरान मृतक सहित उन लोगों के साथ बैठे रहे होटल के एक कर्मचारी से भी पूछताछ की। मृतक के मोबाइल को कब्जे में लिया। वहीं मृतक के साथियों से सवाल किया कि दो घंटे बाद पुलिस को सूचना दी, तुरंत क्यों नहीं दी ?
गांव के लोगों से है पुरानी रंजिश
विश्वप्रताप ने बताया कि उसके गांव और पड़ोस के गांव के लोगों से परिवार की पुरानी रंजिश चल रही है। 2008 में उसके पिता और 2016 में उसके बड़े भाई सुनील की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। होली के दिन भाई को पेट में गोली मारी गई थी। न्यायालय में मामलों की सुनवाई चल रही है। इसी के चलते आरोपियों ने फरवरी 2022 में हम लोगों पर 307 का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया था, जिससे वो फैसले लिए दबाव बना सकें और दबाव बना भी रहे थे।
अपर पुलिस अधीक्षक धनंजय सिंह कुशवाहा ने कहा कि कारोबारी दो अन्य लोगों के साथ होटल के एक कमरे में रुका था, जहां उसकी मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।