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जिसको दिया जीवन वहीं बन गया जान का दुश्मन

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कुसमरा(मैनपुरी)। जिसको अपनों ने खेत में फेंक दिया था, उसे सराफा व्यापारी ने सीने से लगाने के साथ ही सगे बेटे से बढ़कर प्यार दिया। उसे क्या पता था कि एक दिन वह उसकी बेटी की जिंदगी का काल बन जाएगा।
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कस्बा के सराफा बाजार निवासी सराफा व्यापारी अजय वर्मा के दिव्यांशी के अलावा दो और बेटियां हैं। उनके कोई बेटा नहीं था। स्थानीय लोगों के अनुसार तीन बेटियों के बीच बेटे की कमी उन्हें आए दिन खलती थी। बताते हैं कि करीब 20 साल पहले वह खेत पर गए थे, वहां उन्हें एक नवजात रोता हुआ मिला। शायद कोई बच्चे को वहां फेंक गया था। कोई बेटा न होने की वजह से अजय ने बच्चे को गोद लेने के साथ ही सगे बेटे से बढ़कर प्यार दिया था। दो बेटियों की शादी करने के बाद करीब दो वर्ष पूर्व उनकी व पत्नी की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अब घर में दिव्यांशी व बेटा अनंत वर्मा रहते थे। पुलिस के अनुसार रविवार को अनंत के साथ हुए झगड़े में दिव्यांशी की गोली लगने से मौत हो गई।
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सगे भाई की तरह मानती थी दिव्यांशी
अनंत भले ही दिव्यांशी का सगा भाई नहीं था, लेकिन वह उसे सगे भाई की तरह ही मानती थी। मां-बाप की मौत के बाद दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उनके बीच आए दिन छोटी-छोटी बातों पर झगड़े हो रहे थे।
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