मैनपुरी नवोदय छात्रा हत्याकांड ( फाइल फोटो)
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मैनपुरी के जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्रा की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत के मामले में विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्या सुषमा सागर पर कोर्ट में आरोप तय किया गया है। प्राचार्या के खिलाफ एसआईटी ने आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में चार्जशीट लगाई है। मामले की अगली सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट में 18 जून को होगी।
भोगांव के जवाहर नवोदय विद्यालय की कक्षा 11 की छात्रा की 16 सितंबर 2019 को संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई थी। छात्रा का शव हॉस्टल में फंदे पर लटका मिला था। छात्रा के माता-पिता ने दुष्कर्म और हत्या का आरोप लगाया था। दुष्कर्म और हत्या के आरोप के तहत ही रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पोस्टमार्टम के दौरान तैयार की गई स्लाइड की जांच में छात्रा के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। एसआईटी ने विद्यालय की तत्कालीन प्राचार्या सुषमा सागर को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के आरोप में जेल भेजा है।
आरोप हुआ तय
मामले की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम की कोर्ट में की जा रही है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने प्राचार्या पर छात्रा को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने का आरोप तय कर दिया है। इसकी सूचना भी तत्कालीन प्राचार्या को दी गई है। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट ने मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 18 जून की तारीख तय कर दी है। 18 जून को तत्कालीन प्राचार्या को जेल से मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट में लाया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश पर बनी दूसरी टीम
जवाहर नवोदय की छात्रा की मौत के मामले में हाईकोर्ट ने प्रदेश के तत्कालीन डीजीपी मुकुल गोयल को तलब किया था। एसआईटी की जांच की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने दूसरी एसआईटी टीम गठित की थी। वर्तमान में दूसरी एसआईटी मामले की जांच कर रही है। दूसरी टीम ने ही पूर्व प्राचार्या को हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
जेल में हैं तत्कालीन प्राचार्या
एडीजीसी स्पेशल जज पॉक्सो कोर्ट अनूप कुमार यादव ने बताया कि जवाहर नवोदय में छात्रा की मौत के मामले में तत्कालीन प्राचार्या जेल में हैं। उन पर छात्रा को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप तय कर दिया गया है। एसआईटी मुकदमे में गवाहों की गवाही कराने के लिए अभिलेख तैयार कर रही है।