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Mainpuri Election Result: दरक गया सपा का दुर्ग, दो दशक बाद भाजपा ने फिर फहराया भगवा

Fri, 11 Mar 2022 05:11 PM IST
मुकेश कुमार ज्योत्यवेंद्र दुबे, अमर उजाला मैनपुरी

सार

यूपी चुनाव 2022 में भाजपा ने सपा का गढ़ कहे जाने वाले मैनपुरी की दो सीटों पर कब्जा है। इनमें मैनपुरी सदर सीट पर दो दशक बाद जीत का परचम फहराया है। 
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मैनपुरी से भाजपा के विजयी प्रत्याशी जयवीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सपा का दुर्ग कहे जाने वाले मैनपुरी की दीवारें 2022 के विधानसभा चुनाव में दरक गईं। दुर्ग के दो द्वारों पर भाजपा ने भगवा फहरा दिया। ये पहली बार नहीं है जब मैनपुरी के दो द्वारों पर भाजपा का कब्जा हुआ है। इससे पहले भी दो दशक पूर्व भाजपा ये कारनामा दिखा चुकी है।

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सपा संरक्षक और सांसद मुलायम सिंह यादव का गढ़ कही जाने वाली मैनपुरी के दुर्ग को सपा हमेशा से ही अभेद्य मानती रही है। चुनावी जंग में भाजपा के हर वार को भोंथरा कर सपा ने इस बात को साबित भी किया है। चार सीटों के रूप में मैनपुरी सदर, भोगांव, किशनी ओर करहल इस दुर्ग के चार द्वार हैं। 

इन सीटों पर जीती भाजपा

2022 के विधानसभा चुनाव में इस दुर्ग के दो द्वारों में भाजपा ने सेंध लगाई, जिससे ये दुर्ग दरक गया। मैनपुरी सदर सीट जयवीर सिंह और भोगांव सीट से रामनरेश अग्निहोत्री को जीत दिलाकर भाजपा ने दुर्ग के दोनों द्वारों पर भगवा लहरा दिया।

मैनपुरी सीट पर जहां 2007 के बाद भगवा लहराया है तो भोगांव सीट पर लगातार दूसरी बार भाजपा ने जीत दर्ज की है। हालांकि किशनी और करहल सीट अब भी सपा के खाते में है। चुनाव के परिणाम इस ओर इशारा कर रहे हैं कि कहीं न कहीं मैनपुरी में सपा की सियासी जमीन खिसक रही है। 

दो दशक बाद भाजपा ने दोहराया कारनामा 

ये पहली बार नहीं है जब भाजपा ने दो सीटों पर भगवा परचम लहराया है। दो दशक पूर्व भी भाजपा ये कारनाम दोहरा चुकी है। 2002 के विधानसभा चुनाव में मैनपुरी सदर सीट से भाजपा प्रत्याशी अशोक चौहान और करहल सीट पर सोबरन सिंह यादव ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की थी। 

इसके बाद 2007 में करहल सीट सपा के खाते में चली गई और केवल मैनपुरी ही भाजपा के पास बची। 2012 में मैनपुरी सीट से भी भाजपा को हाथ धोना पड़ा और चारों सीटों को हासिल कर सपा अपने दुर्ग पर फिर काबिज हुई। वहीं 2017 में भोगांव विधानसभा सीट पर भाजपा ने जीत दर्ज कर वापसी की शुरुआत की थी। 
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करहल सीट पर अखिलेश के निर्णय का इंतजार

जिले की करहल विधानसभा सीट से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जीत दर्ज की है। वे वर्तमान में आजमगढ़ से सांसद भी हैं। नियम के अनुसार उन्हें एक सीट छोड़नी होगी। अब सबकी निगाहें इसी पर हैं कि अखिलेश यादव करहल की विधानसभा सीट छोड़ते हैं या फिर आजमगढ़ की लोकसभा सीट। 

सियासी जानकारों के अनुसार करहल सीट छोड़े जाने की ही संभावना प्रबल है। ऐसे में भाजपा की नजर अखिलेश यादव के निर्णय पर है। अगर अखिलेश यादव सीट छोड़ते हैं तो भाजपा करहल में होने वाले उपचुनाव में भी भगवा लहराने के लिए पुरजोर कोशिश करेगी। 
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