मैनपुरी। पंचायत चुनाव में प्रधानों का चयन होने के बाद भी ग्राम पंचायत के संगठित होने पर खतरा मंडरा रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि ग्राम पंचायत सदस्यों के आधे से भी अधिक पद खाली पड़े हुए हैं। इसी के चलते डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत से संगठित ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है।
जिले की कुल 549 ग्राम पंचायतों में प्रधान चयनित हो चुके हैं। इनमें से एक ग्राम प्रधान की मौत के चलते वहां उप चुनाव प्रस्तावित है। बाकी ग्राम पंचायतों में शपथ के बाद कार्य शुरू होंगे। ग्राम पंचायत के संगठन में प्रधान के अलावा कम से कम पदों के सापेक्ष दो तिहाई सदस्य निर्वाचित होने की अनिवार्यता है लेकिन जिले में अगर देखें तो कुल 6967 ग्राम पंचायत सदस्य के पदों के सापेक्ष केवल 3311 पदों पर ही सदस्य निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में साफ है कि 3656 पद खाली हैं। इसी के चलते डीपीआरओ स्वामीदीन ने एडीओ पंचायतों से संगठित और असंगठित ग्राम पंचायतों की सूची मांगी है। वे सदस्यों की संख्या के आधार पर ही इसका निर्धारण करेंगे।
अलग-अलग है सदस्यों की संख्या
जिले की ग्राम पंचायतों में पंचायत सदस्य के पदों की संख्या अलग-अलग है। ऐसे में ग्राम पंचायतों को संगठित करने के लिए नियम साफ कर दिया है। एडीओ पंचायतों को जारी पत्र में कहा गया है कि जिन ग्राम पंचायतों में सदस्य के 11 पद हैं वहां आठ, जिनमें 13 पद हैं वहां नौ और जिनमें 15 पद हैं वहां दस सदस्य निर्वाचित होना अनिवार्य है। इसी के आधार पर एडीओ पंचायत निर्णय करेंगे।
इस बार ग्राम पंचायत सदस्यों के आधे से अधिक पद जिले में खाली हैं। सभी एडीओ पंचायतों से संगठित और असंगठित ग्राम पंचायतों की सूची मांगी गई है। सूची आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-स्वामीदीन, डीपीआरओ।