उत्तर भारत की ऐतिहासिक रामलीला में जनकपुरी महोत्सव का आयोजन भव्य होता है। रामलीला कमेटी ने इस साल कमला नगर में जनकपुरी महोत्सव करने का निर्णय लिया है। पहले जनक महल के स्थल चयन पर समिति सुर्खियों में रही। अब अध्यक्ष के खिलाफ महामंत्री और संयोजक ने मोर्चा खोल दिया है। वहीं अध्यक्ष का कहना है अब तक जनकपुरी में जो भी कार्य हुए हैं वो सभी की सहमति से हुए हैं।
कमला नगर में जनकपुरी महोत्सव में कार्य के संयोजन के बारे में समिति के व्हाट्सएप ग्रुप पर महाभारत छिड़ गया है। महामंत्री प्रदीप अग्रवाल और संयोजक पंकज अग्रवाल ने अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महामंत्री एवं पार्षद प्रदीप अग्रवाल का कहना है कि समिति का गठन इसलिए होता है कि जो भी कार्य हों सभी पदाधिकारियों की सहमति से हों। मगर अध्यक्ष इसके विपरीत कार्य कर रहे हैं।
संयोजक एवं पार्षद पंकज अग्रवाल का कहना है कि महोत्सव के आयोजन में केवल अध्यक्ष ही नहीं बल्कि समिति से जुड़े सभी पदाधिकारी उतने ही महत्वपूर्ण है जितना कि अध्यक्ष। अध्यक्ष अपनी हिटलरशाही और हठधर्मिता से किसी पदाधिकारी से महोत्सव के कार्य कराने के लिए कोई सलाह नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जनकपुरी महोत्सव में टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से कार्य कराने की मांग रखी। अध्यक्ष की हिटलरशाही कार्यशैली का विरोध करते हुए उन्होंने अध्यक्ष हटाओ जनकपुरी बचाओ की बात कही।
उधर, अध्यक्ष मुरारी प्रसाद अग्रवाल का कहना है कि जो लोग विरोध कर रहे हैं, उन्हीं के कहने पर लाइट और टेंट वालों से कार्य कराने पर विचार विमर्श चल रहा है। अब तक जो भी कार्य हुए हैं सभी की सहमति से हुए हैं। मेरा किसी से कोई विवाद नहीं है। यदि कार्य पर किसी को परेशानी है तो वो स्वयं कार्यों को संभाल ले, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। फिर भी कोई समस्या है तो शनिवार को राज्यसभा सांसद नवीन जैन आ रहे हैं उनके साथ बैठक कर मामले का सुलझा लिया जाएगा।