बटेश्वर मंदिर पर पहुंचे श्रद्घालु
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महाशिवरात्रि पर महादेव का शृंगार वाराणसी की भस्म से किया जाएगा। भस्म से लेकर तांबे के नाग, शिरंगी, रुद्राश्र, पोशाक से भी बाबा को सजाने की पूरी तैयारी है। त्योहार को लेकर बाजार सज चुका है। कारोबारियों को 25 लाख रुपये के कारोबार होने का अनुमान है। हालांकि मंदिर बंद होने से बिक्री पिछले साल से 20 फीसदी तक प्रभावित हो सकती है। लुहारगली व्यापार समिति के महामंत्री संदीप गुप्ता का कहना है कि थोक बाजार होने के कारण मनकामेश्वर में पूजा-पाठ के सामान की बड़ी मात्रा में खरीदारी होती है। यहां के अलावा शाहगंज, लोहामंडी, बोदला, राजामंडी जैसे बाजार में लोग खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। इस समय जलेसर का तांबे का नाग, आगरा की पोशाकें, मथुरा की शिरंगी और पटके और वाराणसी के रुद्राश्र और भस्म की मांग बनी हुई है। पर्व से एक दिन पहले तक अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है।
व्रत की थाली हो गई महंगी
अजीत नगर बाजार कमेटी के महामंत्री मनोज कुमार का कहना है कि पिछले तीन माह से कुट्टू और सिंघाड़े के आटे की कीमतों में काफी वृद्धि चल रही है। फुटकर में कुट्टु का आटा 80 से 120 और सिंघाड़ा के आटा 160 से 220 रुपये किलो हो गया है। पीछे से सामान की आवक कम होने के कारण मूल्यों में इजाफा हो गया है।
एक हफ्ते से चल रही खरीदारी
महाशिवरात्रि को लेकर पिछले एक हफ्ते से खरीदारी चल रही है। पहले व्यापारी आ रहे थे, अब स्थानीय लोग आने शुरू हो गए हैं। बुधवार को बाजार अच्छा चलने की उम्मीद है। - अजय गुप्ता, कारोबारी
...बिक्री हो सकती है प्रभावित
प्रशासन ने मंदिरों को खोलने के आदेश नहीं दिए हैं। जिससे बिक्री प्रभावित हो सकती है। क्योंकि मंदिरों में बड़ी मात्रा में सामान की खपत हो जाती थी। इस बार लोग घर पर अधिक पूजा पाठ करेंगे। - हर्ष गुप्ता, कारोबारी।
ये है कीमत:
भस्म- 10 से 50 रुपये
पोशाक- 100 से 500 रुपये
तांबे का नाग- 10 से एक हजार रुपये
शिरंगी- 100 से 300 रुपये
रुद्राश्र माला- 25 से 150 रुपये
पटके- 50 रुपये