भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में महाशिवरात्रि का पर्व दो दिन मनाया जाएगा। इसके अनुसार शैव मत के लोग 21 एवं वैष्णव मत के लोग 22 फरवरी को पर्व मनाएंगे। इस दौरान शिवालयों में रुद्राभिषेक और रुद्री पाठ के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
पंडित अमित भारद्वाज के अनुसार शैव संप्रदाय के अनुसार निशीथ काल में चतुर्दशी तिथि व्याप्त होने पर 21 फरवरी को शिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु पूजन के साथ उपवास रख सकेंगे। मंदिर, शिवालयों में 21 फरवरी की रात को ही रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण होंगे।
वहीं, 22 फरवरी को वैष्णवों द्वारा उदियात (सूर्योदय के समय) में चतुर्दशी तिथि के चलते व्रत परायण, पूजन-अर्चन करना श्रेयस्कर है। उदियात तिथि पूरे दिन मान्य होती है। 22 फरवरी को सायं बेला तक चतुर्दशी तिथि मान्य है।