यूपी रोडवेज की बसें माफिया द्वारा तय किए गए कोडवर्ड के आधार पर रुकती और चलती थीं। इन लोगों ने हर बस को अपना एक नंबर भी दे रखा था। एसटीएफ द्वारा जो लोग गिरफ्तार किए हैं उनकी डायरी में हर ड्राइवर कंडक्टर का नंबर तो है ही, कोडवर्ड भी लिखे हुए हैं।
रोडवेज की बसों में जाली टिकट देने वाले रैकेट में 50 से ज्यादा लोग माने जा रहे हैं। सरगना समेत जो 11 लोग गिरफ्तार करके जेल भेजे गए हैं उनसे पूछताछ के बाद एसटीएफ ने तलाश शुरू कर दी है। अब एसटीएफ की जांच उन डायरियों पर आ गई है जो गिरफ्तार लोगों से बरामद हुईं थीं।
इन डायरियों में रोडवेज के अफसरों तक के नंबर अंकित हैं। आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, पलवल के साथ भरतपुर के अफसरों से भी इस गिरोह के संबंध माने जा रहे हैं। हरिद्वार में भी इस गिरोह ने अपनी पकड़ बना रखी है।