उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अतीक अहमद और अशरफ की पुलिस हिरासत में हत्या के बाद पूरे प्रदेश में अलर्ट है। जेलों में बंद टॉप टेन अपराधियों की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। माफिया और कुख्यातों पर नजर रखी जा रही है। पेशी के दौरान सुरक्षा कितनी होनी चाहिए, इस बारे में भी मंथन किया जा रहा है। अब मुलाकात डिप्टी जेलर की मौजूदगी में ही होगी।
आगरा की केंद्रीय कारागार में विशेष सतर्कता के निर्देश डीजी कारागार ने दिए हैं। वर्तमान में जेल में 2400 से अधिक बंदी हैं। इनमें भदोही के पूर्व विधायक विजय मिश्र, हमीरपुर जिले के सदर क्षेत्र से पूर्व विधायक अशोक चंदेल और पूर्व विधान परिषद सदस्य कमलेश पाठक भी हैं। इनके अलावा 50 से अधिक बंदी कुख्यात और अन्य लोग हैं। 70 कश्मीरी और 15 से अधिक पाकिस्तानी हैं। यह सभी जेल की हाई
सिक्योरिटी बैरक में रखे गए हैं।
विशेष बंदियों पर की जाती है अलग से निगरानी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्र ने बताया कि जेल में पहले से सतर्कता है। कारागार में विशेष बंदियों पर अलग से निगरानी की जाती है। 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रखे जा रहे हैं। त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मुलाकाती के बारे में एलआईयू को सूचित किया जा रहा है। मुलाकात सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराई जा रही है। इस दौरान डिप्टी जेलर भी मौजूद रहते हैं। अगर, बंदियों को कहीं भेजना है तो इसके लिए विशेष पुलिस व्यवस्था के लिए अधिकारियों को लिखा जाता है।
मुख्तार की बैरक से मिले थे बुलेट प्रूफ जैकेट और मोबाइल
माफिया अतीक अहमद को साल 2019 में प्रयागराज की नैनी जेल से गुजरात की साबरमती हाई सिक्योरिटी सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। आगरा में भी कई माफिया और कुख्यात जेलों में बंद रह चुके हैं। प्रशासनिक आधार पर बंदियों को आगरा की केंद्रीय कारागार में भेजा जाता रहा है।
वर्ष 1999 में पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी केंद्रीय कारागार में निरुद्ध थे। 18 मार्च 1999 को तत्कालीन जिलाधिकारी आरके तिवारी और एसएसपी सुबेश कुमार सहित अन्य ने जेल में छापा मारा था। आरोप था कि मुख्तार अंसारी की बैरक से चेकिंग के दौरान बुलेट प्रूफ जैकेट, मोबाइल और सिम बरामद हुआ। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज हुआ था। पूर्व विधायक को आरोपी बनाया गया। अब वो बांदा जेल में बंद हैं। मामले में 25 गवाह बनाए गए। केस में सुनवाई चल रही है।
प्रशासनिक आधार पर लाए जा चुके हैं 50 बंदी
मुख्तार अंसारी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी हो चुकी है। आगरा की केंद्रीय कारागार में वर्तमान में प्रशासनिक आधार पर 50 बंदी लाए जा चुके हैं। किसी को सुरक्षा कारणों से तो किसी को माफियाराज के चलते शिफ्ट किया गया है। ऐसे बंदियों को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा जाता है, जहां पर निगरानी भी कई स्तर पर होती है।