मुस्लिम समाज में प्रचलित एक साथ तीन तलाक को सुप्रीम कोर्ट द्वारा असंवैधानिक ठहराए जाने के बाद अब मदरसों में इसकी नई तालीम दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के साथ-साथ तलाक के वाजिब तरीकों के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने के मद्देनजर मौलानाओं ने ये पहल की है। हालांकि इस बारे में कोई आदेश उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की ओर से जारी नहीं हुआ है।
आगरा के नायब शहर काजी और मदरसा संचालक मौलाना उजैर आलम ने बताया कि मदरसों में इस्लाम के मुताबिक तीन तलाक की तालीम छात्र-छात्राओं को पहले से दी जा रही है। अब सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उससे पड़ने वाले प्रभाव और तीन तलाक के वाजिब तरीकों के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है।
मौलाना उजैर आलम के अनुसार हम सभी मदरसा संचालकों ने इस संबंध में पहल की है कि तीन तलाक पर एक नया चैप्टर तैयार किया जाए, जिसकी तालीम हम नई पीढ़ी को दें। इसमें वे सभी उसूल और बातें शामिल की जाएंगी, जिनके अनुसार इस्लाम में तलाक को वाजिब बताया गया। साथ ही नई पीढ़ी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी भी दी जाएगी।
नायब शहर काजी का कहना है कि इस बारे में फिलहाल कोई फैसला उत्तर प्रदेश मदरसा बोर्ड की ओर से नहीं लिया गया है। सभी मौलानाओं ने इस बारे में बैठकर कर ये पहल की है। ताकि तलाक के मामले में कोई भ्रम समाज के लोगों के बीच न रहे।