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लापरवाहीः मरीजों के लिए आई मशीनें एसएन के स्टोर में कैद, फीस तय नहीं कर पाए चिकित्सक

Wed, 20 Nov 2019 03:23 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्लेटलेट्स जंबो पैक मशीन - फोटो : अमर उजाला
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जंबो पैक मशीन-कीमत: करीब 30 लाख रुपये, डेंगू के मरीजों में प्लेटलेट्स कम होने पर जंबो पैक की जरूरत पड़ती है। इससे एक बार में 60 से 80 हजार तक प्लेटलेट्स बढ़ जाती हैं।
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एचपीएलसी मशीन- कीमत: करीब 55 लाख  रुपये, थैलेसीमिया स्क्रीनिंग में काम आती है। इसका लाभ गर्भवती महिलाओं को मिलता। इस मशीन से गर्भवती महिलाओं की जांच करने पर गर्भस्थ शिशु थैलेसीमिया की बीमारी का पता चल जाएगा।

एचपीएलसी मशीन - फोटो : अमर उजाला
शासन की लापरवाही से लाखों की मशीनें कमरों में धूल फांक रही हैं। मशीनों को खरीदे हुए छह महीने हो गए। मरीजों से ली जाने वाली फीस तय नहीं होने से इनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।

ब्लड बैंक में जंबो पैक बनाने की मशीन को 30 लाख रुपये में और पैथोलॉजी विभाग में थैलेसीमिया स्क्रीनिंग की एचपीएलसी मशीन 55 लाख रुपये में खरीदा गया था।

जंबो पैक की मशीन ब्लड बैंक और एचपीएलसी मशीन पैथोलॉजी विभाग के कमरे में बंद हैं। इनकी सुविधा के लिए मरीजों से कितनी फीस वसूली जाएगी, यह अभी तक शासन तय नहीं कर पाया है। 
 
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एसएन कॉलेज से जंबो पैक के लिए साढ़े छह हजार रुपये और थैलेसीमिया स्क्रीनिंग के लिए 350 रुपये का प्रस्ताव भेजा है। बीपीएल कार्डधारकों और विभागीय संस्तुति पर मरीजों को निशुल्क सेवा का भी प्रस्ताव भेजा है। प्राइवेट में जंबो पैक की साढ़े सात से साढ़े आठ हजार रुपये और थैलेसीमिया स्क्रीनिंग की जांच 1200 से 1500 रुपये है।

शासन को दो बार शुल्क तय करने के लिए प्रस्ताव भेज जा चुका है। एक बार फिर से पत्र भेजकर जल्द कीमत तय करने की मांग करते हैं। -डॉ. जीके अनेजा, प्राचार्य 
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