भारतीय व्यंजनों की विविधता की पूरी दुनिया कायल है। देश के हर कोने में रसोई से उठने वाली सुगंध अलग है तो स्वाद भी। जरा सोचिए, ये सब एक जगह एकत्र हो जाएं तो अनेकता में एकता की हमारी तस्वीर ही तो बनेगी न। सबसे बड़ी बात, भोजन जरूरत ही नहीं, जोड़ने का साधन भी है। हमारी परंपरागत दावतें इसकी गवाह हैं। कुछ इसी भाव से अमर उजाला ने द गोरमे क्लब आफ आगरा के साथ मिलकर मां तुझे प्रणाम की शृंखला में यह अनूठी कड़ी जोड़ी है, जायका आजादी का।
यह अनूठा आयोजन रेनबो हास्पिटल के सभागार में 5 अगस्त को शाम 4 बजे से होगा। इसमें गोरमे क्लब की सदस्य देश के 29 राज्यों के व्यंजन प्रस्तुत करेंगी। उनकी वेशभूषा भी संबंधित राज्य का प्रतिनिधित्व करेगी। इस तरह एक पूरा भारतीय थाल प्रस्तुत होगा। तिरंगे के रंग में सजा यह उत्सव हमारी एकता के नए रंग को पेश करेगा। कार्यक्रम संयोजक और गोरमे क्लब की रेनुका डंग ने बताया कि भोजन वह वजह है जो आदमी को रोज कम से कम दो बार सब कुछ छोड़कर क्षुधा शांति की खातिर रुकने के लिए विवश करता है। सीनियर डायटीशन रेनुका का कहना है कि भोजन स्वास्थ्य का आधार है। इसी बिंदु को आधार बनाकर सबको जोड़ा भी जा सकता है। इससे पहले क्लब लाफेयर डी सेलेड्स और कुक बुक फ्राम किचन आफ आगरा प्रस्तुत कर चुका है। कुक बुक में 170 महिलाओं ने अपनी रेसिपी दी है जो देश में अपने ढंग की पहली पुस्तक है।