उन्होंने बताया कि पूर्व कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल को फीस कम करने का प्रस्ताव दिया गया था। उन्होंने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी, मामले में कोई निर्णय नहीं लिया गया। इस बार एकेडमिक काउंसिल में पाठ्यक्रमों की फीस कम करने का प्रस्ताव रखा गया। मंजूरी मिलने के बाद वित्त समिति को दिया गया, वहां से भी स्वीकृति प्रदान कर दी गई।
पाठ्यक्रमों में 10-10 सीटें बढ़ा दी गईं
संस्थान के प्रभारी निदेशक ने बताया कि एमए लोक प्रशासन, एमए आपदा प्रबंधन और एमए ग्राम विकास पाठ्यक्रमों में 10-10 सीटें भी चालू सत्र में बढ़ा दी गई हैं। अब पाठ्यक्रमों में 45-45 सीटें हैं। चालू सत्र में नया पाठ्यक्रम एमए शिक्षाशास्त्र शुरू किया जा रहा है। इसमें भी 45 सीटें निर्धारित की गई हैं, फीस 7.5 हजार रुपये ही है। उनका कहना है कि फीस कम होने का फायदा मिलेगा। पाठ्यक्रमों में छात्र-छात्राओं का प्रवेश बढ़ेगा। सभी पाठ्यक्रम रोजगारपरक हैं।