आगरा नगर निगम और पशु पालन विभाग की लापरवाही आवारा गोवंश के लिए आफत का सबब बन रही है। लंपी वायरस से मदिया कटरा में सोमवार को गाय मर गई। शिकायत के बाद भी दो दिन तक नगर निगम ने शव नहीं उठाया। उधर, निगम के कांजी हाउस में चार गोवंश मरणासन्न हालात में हैं। इधर, वायरस की रोकथाम के लिए पशु पालक वैक्सीन लगवाने को भटक रहे हैं।
मदिया कटरा स्थित टीचर्स कॉलोनी में खुले प्लॉट में आवारा पशुओं का डेरा है। क्षेत्रीय निवासी अभिनय प्रसाद ने बताया कि जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने के बाद भी नगर निगम ने दो दिन तक मृत गोवंश का शव नहीं उठाया। यहां खुली जगह में अतिक्रमण कर अवैध डेरी संचालित है। दिनभर आवारा गोवंश का झुंड रहता है। वहीं, नगर निगम के कांजी हाउस में 20 से अधिक गोवंश है। जिनमें चार गोवंश लंपी के संदिग्ध है। संदिग्ध पशुओं के साथ ही अन्य पशुओं को रखा है, जबकि संदिग्ध पशुओं को आईसोलेशन में रखने का प्रावधान है।
वहीं, सिकंदरा निवासी मनोज कुमार अपनी गाय को वैक्सीन लगवाने के लिए तीन दिन से भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि कंट्रोल रूम पर फोन करने के बाद भी न कोई इलाज के लिए आया, न ही वैक्सीन लगाई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी विजवीर चंद्रयाल ने बताया कि नगर निगम के पास कैटल कैचर हैं। शहरी क्षेत्र में उन्हें पशुओं को उठाना है, लेकिन समन्वय की कमी से शिकायतें आ रही हैं।
2000 गाय संक्रमित, चार की मौत
जिले में 2.83 लाख गोवंश है, जिनमें 2000 गाय लंपी वायरस से संक्रमित हो चुकीं हैं। पशु पालन विभाग के आंकड़ों में चार गाय की मौत दर्ज है। वहीं, एक सर्वे के मुताबिक 100 से अधिक गोवंश लंपी व अन्य कारणों से पिछले एक महीने में दम तोड़ चुके हैं। सीवीओ विजयवीर चंद्रयाल ने बताया कि अब पूल से वैक्सीन जारी करानी पड़ेगी। इसके लिए 100 पशुओं का एकत्र होना जरूरी है, तभी एक वायल खुलेगी।