फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गैस बुकिंग पर नया अपडेट, इन उपभोक्ताओं की बंद की गईं सेवाएं; सिलिंडर के लिए ये काम करना जरूरी

Tue, 08 Sep 2026 09:43 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

एक लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने समयसीमा खत्म होने के बाद भी अनिवार्य ई-केवाईसी नहीं कराई है। ऐसे उपभोक्ताओं की सिलिंडर बुकिंग और सेवाएं रोकी जा सकती हैं, साथ ही सब्सिडी पर भी असर पड़ सकता है।
 
विज्ञापन
एलपीजी गैस सिलिंडर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा जिले में एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य की गई ई-केवाईसी प्रक्रिया की एक सप्ताह की बढ़ाई गई मियाद सोमवार को समाप्त हो गई। इस निर्धारित अवधि के बीत जाने के बाद भी, जिले के एक लाख से अधिक एलपीजी उपभोक्ताओं ने अपनी ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है। इस लापरवाही के चलते अब इन उपभोक्ताओं पर गैस सिलिंडर की बुकिंग रोकने और सरकारी सब्सिडी बंद होने का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन

 

बार-बार चेतावनी के बावजूद लापरवाही
प्रशासन और विभिन्न तेल कंपनियों द्वारा उपभोक्ताओं को बार-बार चेतावनी जारी की गई थी और ई-केवाईसी की अंतिम तिथि को भी बढ़ाया गया था। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपने बायोमेट्रिक सत्यापन और आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाओं को पूरा नहीं किया है। विभाग इस स्थिति को लेकर काफी चिंतित है, क्योंकि यह सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन में बाधा उत्पन्न कर सकता है।

 

ई-केवाईसी क्यों है अनिवार्य?
ई-केवाईसी प्रक्रिया को सरकार द्वारा एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से अनिवार्य किया गया है। इसके माध्यम से, प्रत्येक उपभोक्ता की पहचान की पुष्टि की जाती है और यह सुनिश्चित किया जाता है कि सब्सिडी का लाभ केवल पात्र व्यक्तियों तक ही पहुंचे। बायोमेट्रिक सत्यापन और दस्तावेजों के नवीनीकरण से यह सुनिश्चित होता है कि गैस कनेक्शन का उपयोग वही व्यक्ति कर रहा है जिसके नाम पर वह जारी किया गया है।

 

बुकिंग पर रोक और सब्सिडी पर संकट
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी प्रक्रिया अधूरी पाई जाएगी, उनकी गैस सिलिंडर की बुकिंग को तत्काल प्रभाव से रोका जा सकता है। इसका मतलब है कि वे निर्धारित समय पर अपना सिलिंडर बुक नहीं कर पाएंगे और उन्हें गैस की आपूर्ति में समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे खातों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को भी रोका जा सकता है। यह उन निम्न-आय वर्ग के परिवारों के लिए एक बड़ी आर्थिक मार साबित हो सकती है जो अपनी रसोई गैस की लागत को कम करने के लिए सब्सिडी पर निर्भर हैं।

 

जिला पूर्ति अधिकारी ने दी जानकारी
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने इस मामले पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि ई-केवाईसी की अंतिम मियाद समाप्त होने के बाद भी बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने अपनी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी नहीं की हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार को जो भी नए निर्देश प्राप्त होंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह स्पष्ट है कि विभाग अब इस मामले में सख्त कदम उठाने की तैयारी में है।

 
विज्ञापन

क्या करें उपभोक्ता?
जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है, उन्हें तत्काल अपने निकटतम एलपीजी वितरक के कार्यालय से संपर्क करना चाहिए। वहां उन्हें ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आवश्यक दस्तावेजों और बायोमेट्रिक सत्यापन के बारे में जानकारी मिलेगी। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी न करने पर उन्हें गैस सिलिंडर की बुकिंग और सब्सिडी दोनों से वंचित रहना पड़ सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें