रात का समय, चलती ट्रेन और ऊंघते पुलिसकर्मी... किशोरी के अपहरण के आरोप में पकड़े गए युवक ने इसे भागने का सबसे अच्छा मौका समझा। टॉयलेट के बहाने ट्रेन के गेट तक पहुंचा और स्टेशन करीब आते ही जब गाड़ी धीमी हुई तो छलांग लगा दी। पुलिस टीम ने शोर मचाया और किरावली स्टेशन पर ट्रेन रुकते ही आरोपी की तलाश शुरू की गई लेकिन पता नहीं चला।
4 सितंबर को मिर्जापुर जिले के पड़री थाने के दरोगा विजय शंकर यादव के नेतृत्व में तीन सदस्यीय पुलिस टीम किशोरी व आरोपी सूरज पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय को लेकर सूरत से मधुबनी एक्सप्रेस से मिर्जापुर लौट रही थी। रात करीब एक बजे आरोपी आगरा के किरावली स्टेशन से पहले सिंगारपुर गांव के पास ट्रेन से कूदकर भाग निकला। इसके बाद जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने काफी खोजबीन की लेकिन सफलता नहीं मिली।
इसके बाद दरोगा ने हेड कांस्टेबल गीता और सिपाही नीरज के साथ किशोरी को मिर्जापुर भेज दिया। जानकारी होने पर पड़री थाने से दरोगा जय प्रकाश टीम के साथ आगरा आए। आगरा फोर्ट जीआरपी थाने में लापरवाही के आरोप में दरोगा, हेड कांस्टेबल और सिपाही पर प्राथमिकी दर्ज कराई। फरार आरोपी सूरज को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया है।
जीआरपी सीओ राजेश दीक्षित ने बताया कि पड़री थाने के दरोगा जय प्रकाश की तहरीर पर पुलिस टीम व आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। भागे आरोपी की तलाश की जा रही है।
ये था मामला
मिर्जापुर जिले के पड़री थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी 23 जुलाई की रात घर से लापता हो गई थी। उसके पिता ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। कॉल डिटेल और सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से पता चला कि पड़री थाना के बेलवन क्षेत्र के पकरी का पुरा निवासी सूरज पांडेय उर्फ हर्ष पांडेय किशोरी को भगाकर ले गया है। पुलिस ने उसे नामजद कर पाॅक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। सूरज की लोकेशन गुजरात के सूरत में मिली। इसके बाद दरोगा के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम 2 सितंबर को गुजरात भेजी गई। सूरत पुलिस की मदद से टीम ने किशोरी को तलाश कर और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।