साहब, घर में दो बेटियों की शादी है। मेहमान आना शुरू हो गए हैं, लेकिन हलवाई कह रहा है बिना पांच सिलिंडर काम शुरू नहीं होगा... अब आप ही बताएं हम कहां जाएं। ये गुहार सिर्फ एक पिता की नहीं, बल्कि उन तमाम परिवारों की है जिनके घर शहनाई गूंजने वाली हैं।
एलपीजी संकट के बाद से शहर में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई बंद है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबा व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 50 प्रतिशत कॉमर्शियल गैस दिए जाने के आदेश दिए थे लेकिन उत्तर प्रदेश में यह आदेश लागू नहीं हो सका है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि शादी वाले घरों से लेकर होटल, रेस्तरां और हलवाई तक कॉमर्शियल गैस मांग रहे हैं। सभी से उनकी डिमांड पूछी गई है।
मांग के मुताबिक 20 प्रतिशत गैस मिलेगी। इससे पहले उस प्रतिष्ठान की जांच होगी। पिछले तीन महीने में खर्च का औसत निकाला जाएगा। औसत मांग के आधार पर 20 प्रतिशत गैस मिलेगी। शहर में एक हजार से अधिक होटल, रेस्तरां हैं। 150 से पेठा इकाइयां और 2000 से अधिक हलवाई हैं। डीएसओ आनंद कुमार ने बताया कि प्रतिमाह करीब 40 हजार कॉमर्शियल सिलिंडर की खपत होती थी। नए नियम के मुताबिक करीब आठ हजार सिलिंडर ही उपलब्ध होंगे जिन्हें व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
शादी के लिए भी मांगेंगे अनुमति
जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार जिन घरों में शादियां हैं। उनके लिए कॉमर्शियल सिलिंडर की मांग शासन से की जाएगी। एक परिवार ने बेटियों की शादी के लिए पांच सिलिंडर मांगे हैं। अन्य मांग पत्र भी प्राप्त हुए हैं। तीनों कंपनियों से कॉमर्शियल सिलिंडर की डिमांड भेजी जा रही है।