आठ साल बाद हुए सर्किल रेट निर्धारण में गड़बड़ियों की भरमार है। कहीं बाजार मूल्य से कम रेट दर्शाएं गए, तो कहीं अधिक। यूपीएसआईडीसी को छोड़कर अन्य औद्योगिक क्षेत्रों का निर्धारण नहीं किया। सड़क व लिंक मार्ग की भूमि के खसरा नंबर दर्ज नहीं हुए। यह शिकायतें आपत्तिकर्ताओं ने बुधवार को डीएम के सामने रखीं।