मथुरा/कोसीकलां। जंबू स्वामी सिद्ध क्षेत्र मथुरा चौरासी में रविवार को भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण उत्सव मनाया गया। सभी जैन धर्मावलंबियों ने भगवान जिनेंद्र की पूजा-अर्चना व अभिषेक किया। तत्पश्चात भक्तामर विधान करते हुए भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया। भगवान पारसनाथ के जयकारों से पूरा मंदिर प्रांगण गुंजायमान हो गया। यह निर्माण उत्सव विनत सागर महाराज, विनय सागर महाराज, विश्वकुंद सागर महाराज के सानिध्य में मनाया गया।
विनत सागर महाराज ने कहा भगवान पार्श्वनाथ समता की प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने अपने जीवन में क्षमा को धारण किया। उन्होंने आज के दिन निर्वाण पद को प्राप्त किया। हम सभी को भी प्रयास करना चाहिए कि हमारे जीवन में भी भगवान पार्श्वनाथ जैसी समता आ सके। इस विशेष अनुष्ठान को पंडित जिनेंद्र जैन शास्त्री व विकर्ष जैन शास्त्री द्वारा संपन्न कराया गया। समारोह में क्षेत्र के अध्यक्ष विजय कुमार जैन, डॉ. जयप्रकाश जैन, प्रमोद कुमार जैन, प्रमोद कुमार जैन, रीना जैन, राजरानी गोधा, सुषमा जैन, रचना जैन, सरोज जैन, मनीषा, अमरकांत मिश्रा थे।
इधर, कोसीकलां में आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी के सानिध्य में वर्षायोग महोत्सव के मौके पर रविवार को जैन समाज की ओर से भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण उत्सव मनाया गया।
खेडे़ वाले जैन मंदिर में यह कार्यक्रम हुआ। आर्यिका सृष्टि भूषण माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रवचन दिए। सुबह साढ़े छह बजे भगवान का जलाभिषेक किया। जिसके बाद शांतिधारा हुई। जैन समाज के अध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ मूलनायक के रूप में विराजमान हैं। कैलाश चंद चंदोरिया, अशोक जैन कामियां, दिनेश जैन, दीपक जैन, राहुल जैन, विनोद जैन, सोमराज जैन, राजेश जैन, नवीन जैन, प्रवीन जैन, कैलाश सराफ, प्रकाश जैन, प्रेमचंद जैन आदि थे।