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सुहाग की सेज पर इंजीनियर की हत्या कर फरार हो गई थी लुटेरी दुल्हन, महीनों सुर्खियों में रही ये घटना

Thu, 09 May 2019 03:43 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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फाइल फोटो
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आगरा की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार में तीन साल पहले इंजीनियर निर्मल सोलंकी की हत्या कर दी गई थी। आरोप तारा नाम की महिला पर लगा था। इंजीनियर ने महिला से शादी की थी। सुहाग की सेज पर उसने इंजीनियर को दूध में जहर मिलाकर पिला दिया था। 
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इससे उनकी मौत हो गई थी। दुल्हन जेवरात और अन्य सामान समेटकर फरार हो गई थी। पुलिस ने महिला को पकड़ा था, लेकिन गैंग के अन्य सदस्य हाथ नहीं आ सके थे। यह घटना कई दिनों तक सुर्खियों में रही थी। 

आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर चार निवासी निर्मल सोलंकी (45) नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। उनका पहली पत्नी से विवाद हो गया था। पत्नी अलग हो गई थी। एक बेटी को भी साथ ले गई थी। इंजीनियर का एक दिव्यांग बेटा भारत था। 
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23 मई 2016 को हुई थी घटना

बेटे की देखभाल के लिए निर्मल ने दूसरी शादी का फैसला किया था। अपने परिचित के माध्यम से एक बिचौलिया शर्मा से संपर्क किया। इसके बाद 20 मई 2016 को रुद्रपुर जाकर 30 वर्षीय तारा को पसंद किया था। उसका असली नाम रुबीना था। बिचौलिए ने शादी के लिए एक लाख रुपये लिए थे।

निर्मल शादी करके 22 मई 2016 को तारा को आगरा लाए थे। 23 मई को सुहाग की सेज पर तारा ने निर्मल को दूध में जहर मिलाकर पिला दिया था। निर्मल की मौत हो गई थी। इसके बाद घर से सामान समेटकर भाग गई थी। पुलिस की टीम उत्तराखंड गई थी। कई जिलों की खाक छानी थी। इसके बाद पुलिस आरोपी लुटेरी दुल्हन तक पहुंच गई थी। उसे जेल भेजा गया था।
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गैंग में कई लोग थे शामिल, नहीं पकड़ सकी पुलिस

इस गैंग में कई लोग शामिल थे, लेकिन अन्य के बारे में पुलिस को ज्यादा कुछ जानकारी नहीं लग सकी थी। लुटेरी दुल्हन को पुलिस पकड़ने गई तो उसकी पहचान के लिए पुलिस के पास सिर्फ फोटो थी, वो भी शादी में खींची गई थी। 

एक राशन कार्ड भी मिला था। मगर, उसमें महिला का नाम तारा लिखा था। वो फर्जी निकला था। जिस महिला को तारा की मां बनाकर निर्मल के सामने लाया गया था, वो गैंग की सदस्य थी। उत्तराखंड में कई गैंग सक्रिय हैं, जो लड़कियों की शादी कराने का काम करते हैं। 

गैंग 40 पार के अविवाहितों से संपर्क करते हैं। इसके बाद रकम तय करते हैं। शादी के बाद दुल्हन फरार हो जाती है। यूपी के कई जिलों में लुटेरी दुल्हन वारदात को अंजाम दे चुकी हैं। गैंग के अन्य सदस्य तीन साल बाद भी नहीं पकड़े जा सके हैं।
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