आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट में गुरू के ताल स्टेशन को ए क्लास में रखा गया है, जबकि सिकंदरा पर प्रस्तावित स्टेशन सी कैटेगरी का होगा। गुरूद्वारा गुरू के ताल स्टेशन की लंबाई 75 मीटर और चौड़ाई 20.5 मीटर होगी, वहीं स्टेशन पर पहुंच के लिए 3 मीटर चौड़ी सीढ़ियां और एक एस्केलेटर भी होगा।
इस स्टेशन की पार्किंग ही 2975 वर्ग मीटर क्षेत्र में होगी। सिकंदरा से ताजमहल कारीडोर के दूसरे स्टेशन की सिकंदरा टर्मिनल से दूरी महज 1.26 किमी होगी। आगरा मेट्रो के लिहाज से गुरू का ताल इस रूट के अहम स्टेशनों में एक है।
गुरु के ताल पर हो रही अंडरपास की मांग
गुरुद्वारा गुरु के ताल पर शहर के कई संगठन और गुरुद्वारा प्रबंधन भी पैदल पुल की जगह अंडरपास की मांग कर रहा है। यहां हाईवे 6 लेन होने के साथ दोनों ओर सर्विस लेन है। बेहद खतरनाक मोड़ पर मौजूद गुरु के ताल पर हाईवे पर कई सड़क हादसे हो चुके हैं।
ऐसे में यहां वाहन से भी पार करना खतरनाक है। अंडरपास बनने से इस जगह हादसों से मुक्ति मिल सकेगी, लेकिन नेशनल हाइवे के अधिकारी फुट ओवर ब्रिज पर ही अड़े हैं, जबकि हरीपर्वत पर बनाया गया फुट ओवर ब्रिज लोग इस्तेमाल ही नहीं कर रहे।
नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी को 2015 में डीपीआर बनाते समय ही पूरी योजना भेजी गई थी, जिसमें हाईवे पर आ रहे व्यवधान तथा चौराहों पर फ्लाईओवर बनाने तथा चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के बारे में पूछा गया था, लेकिन प्रोजेक्ट डायरेक्टर मो. शफी इससे साफ इंकार कर रहे हैं।
उनका कहना है कि उनका काम पुल बनाने का है। मेट्रो रेल में किसी स्टेशन या ट्रैक की जानकारी उनसे साझा नहीं की गई है, जबकि मेट्रो के कई पत्र उनके पास उन्हीं के नाम से भेजे गए हैं।
आगरा मेट्रो रेल का कार्य साल के अंत में शुरू होगा। इसके लिए डिटेल सर्वे होना है। सर्वे के अनुसार ही प्रस्तावित मेट्रो रेल स्टेशनों का निर्माण होगा।- डॉ. कुमार केशव, एमडी, एलएमआरसी
'हमारे पैदल पुल के लिए कई विभागों से एनओसी नहीं मिली है। हाइटेंशन तार पहले हटाए जाने हैं जो नहीं हटे हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट लेट हो रहा है। मेट्रोरेल के लिए प्रस्तावित डिजाइन पर वार्ता नहीं हुई है।'- मो. शफी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई