धनतेरस से भैया दूज के तक के त्योहार मनाने के बाद रविवार को लोग निकले तो यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण जाम लग गया। इतने बुरे हालात बने कि दोपहर एक बजे से शाम छह बजे तक टोल प्लाजा पर यातायात आगे नहीं बढ़ पाया।
पांच किलोमीटर लंबा जाम लग गया था। नौबत यहां तक पहुंची कि छह बजे एक्सप्रेसवे टोल फ्री करना पड़ा। इसके बाद भी हालात सामान्य होने में एक घंटा लग गया। एक्सप्रेसवे पर लगभग 80 हजार वाहन जाम में फंसे थे।
यमुना एक्सप्रेसवे के अधिकारियों ने बताया कि आम दिनों में लगभग 15 हजार वाहन गुजरते हैं। धनतेरस से रोजाना पांच हजार ज्यादा यानी 20 हजार वाहन गुजर रहे थे। ये सभी वाहन रविवार को एक साथ लौटे तो संख्या लगभग 80 हजार रही होगी। इसी के चलते इतना भीषण जाम लग गया।
यमुना एक्सप्रेसवे
- फोटो : अमर उजाला
यह जाम आगरा से दिल्ली की तरफ लगा था। टोल प्लाजा और थानों की फोर्स ने मशक्कत की लेकिन जाम नहीं खुल पाया। एंबुलेंस भी जाम में फंस गई थीं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि कई अधिकारियों के रिश्तेदार भी जाम में फंसे हुए थे।
इसके बाद ही प्रशासन के आला अफसरों के पास यह खबर पहुंची की कि जाम में फंसे लोग त्राहिमाम-त्राहिमाम (हमें बचाओ-हमें बचाओ) चिल्ला रहे हैं। प्रशासन के अफसरों ने एक्सप्रेसवे के अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद छह बजे खंदौली टोल प्लाजा को टोल फ्री कर दिया गया। शाम सात बजे जाम खुल सका।
पांच लाख का नुकसान
टोल इंचार्ज तुलसी राम गुर्जर ने बताया की सामान्य तौर पर रोजाना टोल से दस से पंद्रह हजार वाहन गुजर रहे थे। त्योहार के समय में नोएडा से आगरा आ रहे वाहनों में रोड पर करीब पांच हजार का इजाफा हुआ था।
रविवार को सारे वाहन एक साथ एक्सप्रेसवे पर आ गए। इनकी संख्या लगभग 80 हजार रही होगी। एक घंटे टोल फ्री रहने से चार से पांच लाख का नुकसान होता है।
यमुना एक्सप्रेसवे के हेड ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) पीके शहगल ने बताया की भीषण जाम को देखते हुए प्रशासन के आदेश पर करीब छह बजे से टोल फ्री कर दिया गया। लगभग एक घंटा टोल नहीं लिया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद ही टोल लिया गया।