23 मई को होने वाली मतगणना की तैयारियों को लेकर उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने दस मंडल के 43 जिलों की समीक्षा की। उन्होंने इन सभी जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी (डीओ)/जिलाधिकारी और आरओ (रिटर्निंग आफीसर) को हिदायत दी कि मतगणना को लेकर कोई शिकायत न मिले।
हर हाल में प्रत्याशी या उसके मतगणना को एजेंट को संतुष्ट करना होगा। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही मतगणना की प्रक्रिया कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
शुक्रवार को कमिश्नरी सभागार में आगरा के अलावा सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, कानपुर, बरेली, लखनऊ, झांसी और चित्रकूट मंडल की समीक्षा बैठक हुई। उप निर्वाचन आयुक्त ने मतगणना के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराया। कहा कि मतगणना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे कार्यशील रहें।
बैठक में आए जिलाधिकारी
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उन्होंने सख्त हिदायत दी कि मतगणना कार्य सबसे पहले करा लेने की प्रतियोगिता की जगह यह सुनिश्चित किया जाए कि समय कितना भी लगे, लेकिन मतगणना की सभी प्रक्रियाओं का अनुपालन शत-प्रतिशत हो। इस दौरान डीओ और आरओ को मतगणना से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया।
चुनाव आयोग के सचिव एसबी जोशी व प्रदेश के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. ब्रह्मदेव राम तिवारी ने प्रजेंटेशन के माध्यम से ईटीवीपीएस (इलेक्ट्रिक ट्रांसमेटेड बैलेट पेपर सिस्टम) के तहत डाले गए वोटों को गिनती का प्रशिक्षण दिया। अधिकारियों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया। मंडलायुक्त आगरा अनिल कुमार ने सभी अधिकारियों का स्वागत किया।
बैठक में मंडलायुक्त अलीगढ़ अजय दीप सिंह, मंडलायुक्त कानपुर सुभाष चंद्र, मंडलायुक्त झांसी कुमुदलता श्रीवास्तव, मंडलायुक्त बरेली रणवीर प्रसाद, मंडलायुक्त मुरादाबाद यशवंत राव, मंडलायुक्त मेरठ अनीता सी. मेश्राम, डीएम आगरा एनजी रवि कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि मतगणना के आखिर में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की पांच-पांच वीवीपैट का मिलान ईवीएम के कुल वोटों से किया जाएगा। यह कवायद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर होगी। इन वीवीपैट का चयन रेंडमाइजेशन के तहत होगा।