केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, रालोद मुखिया अजित सिंह (फाइल)
सियासत के बड़े सूरमा भी जातीय समीकरणों को देखकर जनसभाएं कर रहे हैं। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ठाकुरों की बाइसी के आंवलखेड़ा में 14 अप्रैल को आएंगे। चौधरियों की चाहरवाटी में रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह की रैली गठबंधन की ओर से कराई जाने की तैयारी चल रही है।
आगरा को अनुसूचित जाति की राजधानी कहा जाता है। बसपा सुप्रीमो मायावती यहां से चुनावी अभियान का आगाज करती रही हैं। इस बार उनकी रैली 16 अप्रैल को आगरा में है। हालांकि साथ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और रालोद मुखिया चौधरी अजित सिंह भी होंगे।
कांग्रेस की ओर से फतेहपुर सीकरी में 13 अप्रैल को प्रियंका गांधी का रोड शो संभावित बताया जा रहा है। सीकरी में ब्राहमण वोटर बड़ी संख्या में हैं। भाजपा से वैश्य मतदाताओं को रिझाने के लिए केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल आ सकते हैं। उनकी मीटिंग की डिमांड की गई है।
ब्राहमणों पर डोरे डालने का प्रयास
ब्राहमणों पर डोरे डालने के लिए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को भाजपा ने आगरा और सीकरी का प्रभारी बनाया है। उनके साथ अब प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक भी लग गए हैं। 11 अप्रैल को पहले चरण के मतदान केबाद जयंत चौधरी भी सीकरी आ सकते हैं।
इस चुनाव में उन जातियों के वोटरों का रोल बेहद अहम हो गया है जिनके उम्मीदवार किसी प्रमुख दल से नहीं हैं। इन वोटरों को अपनी ओर करने के लिए रस्साकशी चल रही है। फतेहपुर सीकरी में क्षत्रिय और आगरा में वैश्य मतदाताओं के रूख पर काफी कुछ निर्भर रहने वाला है। इन्हें रिझाने के लिए इनकी जातियों के नेताओं की रैली और रोड कराए जाने हैं।
सीकरी में तीन लाख से ज्यादा क्षत्रिय मतदाता
फतेहपुर सीकरी में क्षत्रिय मतदाता तीन लाख से ज्यादा हैं। यहां गठबंधन, कांग्रेस और भाजपा में से किसी ने भी क्षत्रिय तो नहीं उतारा है। सीकरी में वैश्य वोटर भी अच्छी खासी संख्या में है। खासकर खेरागढ़, फतेहाबाद और बाह विधान सभा क्षेत्र में।
भाजपा इन्हें अपना परंपरागत वोटर मानती रही है लेकिन कांग्रेस और बसपा की भी इन पर नजर लगी है। सीकरी में निषाद वोटर भी अच्छी खासी संख्या में है। बाह विधान सभा क्षेत्र में इनका रोल नतीजे में अहम रोल निभाता है।
इसी तरह आगरा लोकसभा क्षेत्र में वैश्य मतदाता तीन लाख से ज्यादा हैं। यह एससी सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र है। इस कारण से इनका रोल और भी अहम हो जाता है। उत्तर विधान सभा क्षेत्र में वैश्य मत का महत्व इस बात से समझा जा सकता है कि यहां हमेशा वैश्य विधायक चुना जाता है। एत्मादपुर में क्षत्रियों की बाइसी किसके साथ जाएगी? यह चुनाव का अहम सवाल है।