फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव 2019: किसानों की शरण में सियासत के शहंशाह, हर पार्टी कर रही घोषणाओं की बरसात

Tue, 09 Apr 2019 08:48 AM IST
देव कश्यप पुनीत शर्मा, अमर उजाला, मथुरा
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले चरण के सियासी युद्ध के करीब आते ही सभी सियासी पार्टियों के शहंशाह किसानों की शरण में पहुंच गए हैं। अन्नदाता का आशीर्वाद हासिल करने को खेत, किसान और फसलों की बातें होने लगी हैं। बड़ी बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं। हो भी क्यों नहीं। प्रदेश में दो करोड़ से अधिक किसान जो हैं। आधी से अधिक लोकसभा सीटों का फैसला किसान ही करते हैं।

विज्ञापन


यही वजह है कि तपती दोपहरी में प्रत्याशियों की लग्जरी गाड़ियां गांवों के धूल भरे रास्तों पर दौड़ रही हैं। इतना ही नहीं प्रत्याशी सीधे खेतों पर पहुंच जा रहे हैं। हमने भी अकबरपुर गांव में किसानों के बीच जाकर जब उनसे चुनावी घोषणाओं को लेकर बात की तो सभी कहने लगे, वादे कोई आज से नहीं बल्कि पचासों साल से होते आ रहे हैं। लेकिन किसान तो जहां था वहीं खड़ा है। फसलें पहले भी चौपट होती थीं आज भी हो रही हैं। अनाज बेचने को किसान पहले भी भटकते थे आज भी वही स्थिति में है। सिंचाई को पानी पहले भी नहीं था आज भी हालात नहीं बदले। मूली मुखिया, प्रहलाद लंबरदार, राजवीर सिंह, तुलाराम भगत जी, मोहन सिंह, प्रताप सिंह, और गोविंद सिंह ने कहा कि हम तो तब मानें जब सारे दावे पूरे हो जाएं। 

मरहला मुक्खा निवासी भगवत चौधरी, राधा चरन, दामोदर प्रसाद, दौजीराम, महावीर सिंह, रमेश चंद्र का कहना है कि किसानों की याद तो बस चुनाव में ही आती है। नेता इस तरह पेश आते हैं कि जैसे हमारे सबसे बड़े शुभचिंतक वहीं हैं। लेकिन घोषणाएं कोई पूरा नहीं करता।    

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

किसानों के लिए पार्टियों ने घोषणापत्र में किए यह वादे

कांग्रेस: किसानों के लिए अलग से बजट
कांग्रेस ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा है कि रेल बजट की तरह से किसानों के लिए अलग से बजट होगा। किसानों को भी पता होगा कि उनके लिए कितना पैसा दिया और कितना खर्च हुआ। कर्ज नहीं चुका पाने वाले किसानों पर कोई आपराधिक मुकदमा भी दर्ज नहीं होगा। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। खेती को फायदे का सौदा बनाया जाएगा। किसानों के लिए कई अन्य योजनाएं लाने का भी दावा कांग्रेस के घोषणापत्र में किया गया है। 

भाजपा: किसान क्रेडिट कार्ड पर एक लाख का कर्ज पांच साल तक ब्याज मुक्त
भाजपा ने जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा कि हमारी सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुना कर देगी। इसमें काफी हद तक कामयाबी भी किसानों को मिली है। किसान क्रेडिट कार्ड पर अभी तक जो लोन मिलता था उस पर अगले पांच साल के लिए शून्य ब्याज दर लगेगी। 6000 रुपये सालाना आर्थिक मदद अब केवल दो हेक्टेयर वाले किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि देश के सभी किसानों को मिलेगी। छोटे और खेतिहर किसानों को 60 साल की उम्र के बाद पेंशन दी जाएगी। 

सपा: किसानों का पूरा कर्ज माफ करने के पक्ष में
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए जो अपना घोषणापत्र जारी किया है उसमें कहा है कि उनकी पार्टी किसानों का पूरा कर्ज माफ करने के पक्ष में है। किसानों को खाद, बीज बिजली तो भरपूर उपलब्ध होगी ही किसानों की उपज को खरीद के लिए भी सरकार व्यवस्था करेगी। हम केवल दावा नहीं करेंगे बल्कि किसानों की आय को बढ़ाएंगे।

रालोद: खाद, पानी सस्ता होगा बिजली बिल माफ होंगे
रालोद भी किसानों को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। रालोद नेता जगह जगह सभाएं करके दावा कर रहे हैं कि खाद को सस्ता किया जाएगा। बिजली के पुराने बिल माफ करेंगे। नहरों का संचालन लगातार किया जाएगा। आलू खरीदने के लिए भी इंतजाम किए जाएंगे। फूड प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित कराए जाएंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें