चुनावी बिगुल बजने के बाद कांग्रेस में फतेहपुर सीकरी और आगरा सुरक्षित सीट पर प्रत्याशियों की तलाश शुरू हो गई है। इनमें फतेहपुर सीकरी सीट बेहद अहम है, क्योंकि यहां से प्रदेशाध्यक्ष राजबब्बर का दावा होने के कारण अभी तक प्रत्याशी की तलाश ही नहीं की गई।
लेकिन अब राजबब्बर के मुरादाबाद से चुनाव लड़ने की चर्चा हो रही है। इस बीच पार्टी का संगठन अब इस सीट पर मजबूत प्रत्याशी की तलाश में जुट गया है। माना जा रहा है कि राजबब्बर के हटने से यहां के सियासी समीकरण बदल सकते हैं।
कांग्रेस में जहां आगरा लोकसभा की सुरक्षित सीट पर अभी तक 50 से ज्यादा दावेदारों ने टिकट की मांग की है। आवेदकों ने अपने बायोडाटा भी पर्यवेक्षकों के साथ ही प्रदेश मुख्यालय में भेजे हैं। लेकिन फतेहपुरसीकरी लोकसभा क्षेत्र में अब प्रदेशाध्यक्ष राजबब्बर का मैदान में उतरने पर संशय बरकरार है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि वो मुरादाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस चर्चा के बाद पार्टी में दोबारा से फतेहपुर सीकरी की सामान्य सीट पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारों ने तैयारी शुरू कर दी है।
इस सीट पर राजबब्बर ने बसपा प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि, अभी तक कांग्रेस से सपा-बसपा से गठबंधन की तस्वीर भी साफ नहीं हो सकी है। ऐसे में इस सीट से चुनाव लड़ने के इच्छुक कांग्रेस नेताओं ने टिकट की दावेदारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा का कहना है कि फतेहपुर सीकरी सीट से अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है, लेकिन पर्यवेक्षकों ने पूर्व में कई दावेदारों के साक्षात्कार लिए हैं। फिलहाल संगठन मजबूत प्रत्याशी की तलाश में जुटा हुआ है।
चुनावी आंकड़े
फतेहपुर लोकसभा सीट का सृजन 2009 में हुआ था। इससे पहले इसका क्षेत्र फिरोजाबाद लोकसभा क्षेत्र में था। वर्ष 2009 में बसपा की सीमा उपाध्याय चुनाव जीती थीं। उन्होंने कांग्रेस के राजबब्बर को हराया था। राजबब्बर ने उन्हें कड़ी टक्कर दी थी।
वर्ष 2014 में चौधरी बाबूलाल पहले पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीते। भाजपा के टिकट पर यह उनका पहला चुनाव था। उन्होंने बसपा की सीमा उपाध्याय को हराया। इस बार भी बसपा से सीमा उपाध्याय का यहां से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है।