आगरा के वर्तमान भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया को एक साथ दो झटके लगे हैं। उनके समर्थकों को एक गम तो इस बात का है कि उन्हें टिकट नहीं मिला। दूसरा, यह कि उम्मीदवार प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को बनाया गया है।
वही बघेल जिनसे कठेरिया का 36 का आंकड़ा खुल्लम खुल्ला रहा। सियासत की बिसात में दोनों ने न केवल एक दूसरे के खिलाफ चाल चली बल्कि सार्वजनिक मंचों से भी निशाने साधे। धनगर जाति के लोगों को एससी सर्टिफिकेट बनाए जाने के मुद्दे पर दोनों में ठनी हुई थी।
कठेरिया ने जलेसर में सम्मेलन किया और उसमें बघेल को नहीं बुलाया। बघेल आगरा में हुए एक सम्मेलन में आए और कठेरिया पर निशाना साधा। तभी से माना जा रहा था कि दोनों में खुल्लम खुल्ला विवाद हो गया है। बात हाईकमान तक पहुंची थी।