निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदान खत्म होने से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी गई। निगरानी के लिए प्रशासन की विभिन्न टीमें बनाई गई हैं। कोई प्रत्याशी या समर्थक चुनाव प्रचार करते पाए जाने पर आचार संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
चुनाव प्रचार पर रोक लगने के बाद प्रत्याशी अब चाय के बहाने चुनाव पर चर्चा करेंगे। किसी एक क्षेत्र के एक व्यक्ति के यहां चाय के बहाने आसपास के लोगों की बैठकें होंगी। प्रत्याशी और उनके समर्थकों का यह क्रम 17 अप्रैल की रात तक चलेगा। क्योंकि 18 अप्रैल सुबह सात बजे से वोटिंग शुरू होगी। मतदाताओं से व्यक्तिगत मुलाकात कर उनसे वोट देने की अपील की जाएगी।
नामदार की भाषा ऐसी कि शर्म को भी शर्म आ जाए- पीएम मोदी