लोकसभा चुनाव 2024 के पहले और दूसरे चरण के मतदान में आई गिरावट के बाद भी मतदाता सूचियों और पर्चियों की खामियां दूर नहीं हो सकीं। कहीं वोटर आईडी कार्ड नंबर में गड़बड़ है। तो कहीं, एक ही परिवार के सदस्यों के वोट अलग-अलग बूथों पर हैं। बीएलओ की लापरवाही से हजारों मतदाता मतदान पर्चियों का इंतजार कर रहे हैं।
जिन्हें मतदाता पर्चियां नहीं मिली, वह पूछ रहे हैं कि डीएम साहब... ऐसे कैसे दौड़ेगी मतदान एक्सप्रेस। आगरा व फतेहपुर सीकरी सीट पर 48 घंटे बाद मतदान होगा। पर्चियां नहीं आने से परेशान मतदाताओं आयोग की वेबसाइट पर नाम खंगालने से लेकर बूथों के चक्कर काट रहे हैं। बूथों से बीएलओ नदारद हैं। दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के गढ़ी भदौरिया की मतदाता सूचियों में सबसे ज्यादा गड़बड़ियां सामने आई हैं। आवास विकास कॉलोनी, कमला नगर, बोदला, शाहगंज और मंटोला क्षेत्र के मतदाताओं ने भी सूचियों में गड़बड़ियों की शिकायतें दर्ज कराई हैं।
आसान हो जाता है मतदान करना
गुलाब नगर में रहने वाले अनिल शर्मा हर चुनाव में मतदान करते हैं। अनिल कहते हैं कि मतदान के लिए घर पर आने वाली मतदान की पर्चियों से काफी सहायता मिल जाती है। अभी तक पर्ची का इंतजार कर रहे हैं।
हफ्तेभर पहले आ जाती थीं पर्चियां
रामबाग के रहने वाले मनीष शर्मा का कहना है कि घर पर आने वाली मतदान की पर्चियां हर चुनाव में एक हफ्ते पहले घर पहुंच जाती थीं। पहली बार ऐसा हुआ कि मतदान के 48 घंटे रह गए हैं। इसके बाद भी पर्चियां नहीं आई हैं।
बूथ पर खोजना पड़ेगा नाम
लोकसभा चुनाव में मतदान करने के लिए उत्साहित कमला नगर के रहने वाले हिमांशु बुद्धरानी का कहना है कि मतदान की तिथि पास आ गई है। मतदान की पर्ची नहीं आई। मतदान केंद्र पर जाकर पहले सूची में नाम खोजना पड़ेगा। नाम हुआ तभी वोट डाल सकूंगा।
वोटर आईडी कार्ड नहीं तो ये विकल्प अपनाएं
जिनके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं लेकिन नाम मतदाता सूची में दर्ज है तो वह मतदान कर सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, मनरेगा जॉबकार्ड, बैंक, डाकघर की पासबुक, श्रम विभाग का स्वास्थ्य बीमा कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैनकार्ड, एनपीआर स्मार्ट कार्ड, पासपोर्ट, पेंशन परिचयपत्र, केंद्र व राज्य या पब्लिक लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी परिचय पत्र, सांसद या विधायक से जारी पहचानपत्र, यूडीआई कार्ड दिखाकर मतदान कर सकते हैं।