इतने में ट्रेन आ गई। जब लोको पायलट व सह पायलट आशीष कुमार ने गेटमैन की पिटाई होती देखी तो ट्रेन को रोक कर गेटमैन को बचाया। इसी दौरान गांव पुन्हैरा के राजवीर सिंह, रिंकू पुत्र रामखिलाड़ी और बृजेश पहुंच गए।
लोगों को देखकर पिटाई करने वाले महेश व बृजेश पुत्रगण छोटेलाल निवासी गांव बलिदादपुर थाना जलेसर धमकी देते हुए भाग गए। गेटमैन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर मारपीट करने और सरकारी कार्य में बाधने डालने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सेना में सूबेदार है एक आरोपी
गेटमैन की फाटक नहीं खोलने पर पिटाई करने वाला महेश चंद्र सेना में सूबेदार के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में जम्मू कश्मीर में सेवाएं दे रहा है और कुछ दिन की छुट्टी पर घर आया हुआ है। गेटमैन की पिटाई के दौरान भी महेश खुद को सूबेदार होने की धमकी दे रहा था।
गेट संख्या 33सी को बंद करने के चंद मिनटों के बाद ही ट्रेन फाटक तक आ गई थी। अगर गेटमैन फाटक खोल देता तो इतने समय में तमाम वाहन रेलवे पटरी पर होते और कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। गेटमैन ने पिटने के बाद भी अपने दायित्व का निर्वहन किया।
लोको पायलट की बहादुरी के चर्चे
ट्रेन संख्या 54470 के लोको पायलट ने पिटते गेटमैन को बचाया तो उनके बहादुरी की चर्चाएं लोगों में आम हो गई। विभागीय कर्मचारी की मदद कर उसको बचाया ही नहीं साथ ही अपने दायित्वों का निर्भीकता से निर्वहन कर उत्साहवर्धन कर हौसला भी बढ़ाया। इसको देखकर मौके पर जुटने वाली भीड़ ने तारीफ की।
गेटमैन की तहरीर पर दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो बार दबिश दी गई है लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आए हैं। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।- महाराज सिंह भाटी, प्रभारी निरीक्षक जलेसर