भोगांव रोड पर गढिय़ा गंाव स्थित हनुमान मंदिर में बुधवार की रात गांव के ही रहने वाले रसूखदारों ने ताला डाल दिया। मंदिर की देखभाल करने वाली महिला महंत को बाहर निकाल दिया। विरोध करने पर गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। बृहस्पतिवार को न्याय पाने के लिए महिला महंत अपने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गई। महंत ने एसपी को ज्ञापन देकर न्याय दिलाने की मांग की है।
गांव गढिय़ा में सड़क किनारे हनुमान मंदिर बना हुआ है। मंदिर से सटी हुई खेती भी है। मंदिर पर एक दशक पहले उमेशानंद महंत के रूप में मंदिर की सेवा करते थे। उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी राधा दीक्षित मंदिर पर महंत के रूप में मंदिर की लंबे समय से देखभाल कर रही हैं। मंदिर की जमीन को लेकर महंत तथा गांव के रसूखदारों के बीच दीवानी न्यायालय में मुकदमे चल रहे हैं। मंदिर पर कई बार रसूखदार कब्जा करने का प्रयास कर चुके हैं। लेकिन मंदिर से जुड़े भक्तों के विरोध के चलते कब्जा नहीं हो सका।
बुधवार की रात गांव के रसूखदार एक राय होकर मंदिर पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला डालकर महिला महंत को बच्चों सहित मंदिर परिसर से बाहर निकाल दिया। उनके विरोध करने पर गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। बृहस्पतिवार को महंत राधा दीक्षित अपने बच्चों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और एसपी को ज्ञापन देने के बाद धरने पर बैठ गई। ज्ञापन में रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई और मंदिर का ताला खुलवाने की मांग की गई है।