जान है, तो जहान है। यह कहना है आगरा की उन तमाम महिलाओं का जो अपने परिवार के साथ इन दिनों लॉकडाउन में जिंदगी जी रही हैं। महिलाओं का मानना है कि कोरोना वायरस रूपी राक्षस का वध करने के लिए लॉकडाउन और सामाजिक दूरी ही हथियार हैं। आमजन को इसका सही से इस्तेमाल करना होगा।
जिस तरह से कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, उसमें लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग (सामाजिक दूरी) सबसे अधिक कारगर है। महिलाओं का कहना है कि जरूरी सामान की आपूर्ति अगर सुचारू रूप से चलती रहे, इस लड़ाई को जीतने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उनका कहना है कि जिंदगी के लिए लॉकडाउन-टू जरूरी है।
कमला नगर की सोनम सचदेवा ने कहा कि केंद्र सरकार को अगर लगता है कि लोगों के हित में लॉकडाउन जरूरी है, तो इसकी समय सीमा का विस्तार करना सही है। इस समय यह बेहद जरूरी है। रश्मि नगर की नैना अग्रवाल ने कहा कि दूध, सब्जी और अन्य जरूरी सामान की आपूर्ति होती रहे, तो कोरोना से लॉकडाउन में रहते हुए कुछ और दिनों तक लड़ने की जरूरत है।