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आगरा: आईएसबीटी पर भूखे पेट काटी रात, 18 घंटे इंतजार के बाद मिलीं मजदूरों को बसें

Mon, 18 May 2020 12:02 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बसों की आस में आईएसबीटी पर जुटे करीब तीन हजार मजदूर
  • रातभर मजदूरों को नहीं मिला खाना, 18 घंटे बाद आईं बसें 
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आईएसबीटी पर प्रवासी श्रमिक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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औरेया हादसे के बाद आगरा में शनिवार को पुलिस ने ट्रकों से मजदूरों को उतारकर आईएसबीटी पर तो भेज दिया लेकिन बसों का इंतजाम नहीं किया। लगभग 18 घंटे तक ये मजदूर बस अड्डे पर परेशान रहे। रातभर खाना नहीं मिला। रविवार दोपहर एक बजे बसें आईं। इसके बाद इन मजूदरों को भेजा गया। इस दौरान आईएसबीटी भारी भीड़ रही। 
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बिजनौर के नजीबाबाद, नहटौल, सहारनपुर के रामपुर मनिहारन, ननौता, बेहट के मजदूर महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे, गुजरात के अहमदाबाद और सूरत से घर जा रहे थे। इनमें बिजनौर के 100 मजदूर ट्रकों से चले थे। इन्हें पुलिस ने शनिवार रात को करीब सात बजे रोक लिया। ट्रकों से उतरवाकर बस अड्डे पर भेज दिया। इन्हें रविवार दोपहर एक बजे बसें मिलीं। इनके अलावा राजस्थान से भी बड़ी संख्या में मजदूर आए।


तीन हजार मजदूर पहुंचने पर जागे अफसर 

दोपहर 12 तक आईएसबीटी पर तकरीबन तीन हजार श्रमिक पहुंच गए। इससे व्यवस्थाएं चरमरा गईं। पानी का एक टैंकर कुछ देर में खाली हो गया। भीड़ की वजह से श्रमिकों के समूह धूप से बचने को आईएसबीटी परिसर के बाहर पेड़ों की छांव तलाशते नजर आए। 
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बच्चों के साथ पैदल जाता पिता - फोटो : अमर उजाला
थर्मल स्क्रीनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम भी दोपहर बाद पहुंची। बाद में एसीएम विनोद जोशी, एएसपी हरीपर्वत सौरभ दीक्षित ने श्रमिकों की लिस्टिंग करवाई, लेकिन रोडवेज के कर्मचारियों ने भीड़ को संभालने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया।

पैदल चलने लगे तब आई बस

जब श्रमिक बस अड्डे से पैदल ही चलने लगे तो पुलिस ने उन्हें किसी तरह रोका और बसों का इंतजार करने को कहा। दोपहर एक बजे के बाद झांसी, हमीरपुर, गोरखपुर, इलाहाबाद के लिए बसों को रवाना किया जा सका।

पेट और पीठ पर बैग, एक हाथ में मासूम बेटे के गाड़ी की रस्सी

सिकंदरा चौराहे से आईएसबीटी की ओर जा रहा बाबूराम अपने परिवार के साथ पानीपत से आया। वो एक साल के बेटे को बच्चों की गाड़ी में लेकर आ रहा था तो छह साल का बेटा पैदल ही उसके साथ कदमताल कर रहा था। बीवी और अन्य परिजन आगे चल रहे थे। उसका कहना था कि वो मेटाडोर से यहां तक आया है, अब बस पकड़ने आईएसबीटी तक जाना है।

शाम को पहुंचे डीएम, एसएसपी

जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह और एसएसपी बबलू कुमार शाम को आईएसबीटी पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को बसों के घर भेजे जाने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।  
 
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दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को कानपुर तक भेजा

अहमदाबाद से आगरा कैंट तक पहुंची श्रमिक स्पेशल ट्रेन में कानपुर व आसपास के श्रमिक सवार थे, जिन्हें आगरा में उतारा जाना था, लेकिन जिला प्रशासन के दखल के बाद ट्रेन को आगरा के 204 श्रमिकों को उतारने के बाद गाड़ी को कानपुर के लिए रवाना किया गया। 

यह ट्रेन सुबह साढ़े आठ बजे आगरा पहुंची थी। इसके बाद अहमदाबाद से आगरा पहुंची दूसरी ट्रेन से 739 श्रमिकों को उतारा गया। इस ट्रेन को भी कानपुर तक भेजा गया। इसमें 894 प्रवासी श्रमिक सफर कर रहे थे।

खाना-पानी देकर ही भेजा जाए मजदूरों को : मंडलायुक्त

मंडलायुक्त अनिल कुमार ने आगरा में आईएसबीटी और मथुरा में मथुरा-हरियाणा सीमा का निरीक्षण करने के बाद दोनों जिलों के डीएम को निर्देश दिए हैं कि प्रवासी मजदूरों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाए। उनके लिए भोजन के पैकेट और पीने के लिए पानी का इंतजाम किया जाए। इसके बाद ही रवाना किया जाए।
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