11एमएनपी-08-महिला थाने के सामने स्थित एक क्लीनिक के बाहर बैठे मरीज
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मैनपुरी। शासन के निर्देश पर जिले में अफसरों ने सख्ती के साथ लॉकडाउन का पालन कराया। आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से बाहर रखे जाने के बाद भी दवा की दुकानें और क्लीनिक बंद रहे। इस कारण मरीज और तीमारदार दवा के लिए इधर उधर भटकते हुए नजर आए।
यूपी में 55 घंटे का लॉकडाउन घोषित है। बाजार, ग्रामीण हाट, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खोलने पर प्रतिबंध है, लेकिन आवश्यक सेवाओं को प्रतिबंध से बाहर रखा है। बावजूद इसके जिले में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। इस कारण शनिवार को मरीज और तीमारदार जरूरी दवाओं के लिए भटके। दवा विक्रेताओं का साफ शब्दों में कहना था कि प्रशासन ने शुक्रवार को ही दुकानें बंद रखने की चेतावनी दी थी। इसी के चलते दुकानों को बंद रखा गया।
इलाज के लिए भटके लोग
प्रशासन की सख्ती के चलते जिले में प्राइवेट क्लीनिक भी बंद रहे। सीओ ऑफिस के सामने डॉ. अनुकूल जैन की क्लीनिक बंद थी। जबकि मरीज क्लीनिक खुलने के इंतजार में कई घंटे तक क्लीनिक के बाहर बैठे रहे। पुराना मैनपुरी निवासी राजेश भी दवा लेने यहां पहुंचे थे, लेकिन क्लीनिक नहीं खुली। उन्होंने बताया कि काफी इंतजार के बाद क्लीनिक स्टॉफ के नंबर पर फोन करने पर पता चला कि क्लीनिक नहीं खुलेगी।
जिला अस्पताल के आसपास भी बंद रहे मेडिकल
लॉकडाउन में प्रशासन की ओर से बरती गई सख्ती के चलते जिला अस्पताल के आसपास भी मेडिकल स्टोर बंद रहे। इससे जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को भी दवा के लिए परेशान देखा गया।