मैनपुरी। महानगरों से लौटे 14 प्रवासी मजदूर अब तक जिले में कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ घर लौटने वाले मजदूरों की तो स्क्रीनिंग हो रही है, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे भी मजदूर हैं जो सीधे घर पहुंच गए हैं। ऐसे मजदूरों ने प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। जिलेभर में ऐसे मजदूरों पर नजर रखी जा रही है। जिलाधिकारी ने भी सीधे घर पहुंच चुके मजदूरों से अपनी जांच कराने की अपील की है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रशासन को सूचना नहीं देने और जांच नहीं कराने की पुष्टि होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने इस संबंध में अफसरों के साथ बैठक भी की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रवासी मजदूरों की सूची बनाई जाए। जिन प्रवासी मजदूरों की जांच नहीं हुई है उनकी जांच कराई जाए। प्रवासी मजदूरों को मुफ्त राशन, भरण पोषण योजना का लाभ दिलाया जाए। जांच नहीं कराने वाले प्रवासी मजदूर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। निगरानी समितियां खुद प्रवासी मजदूरों की पहचान करें। प्रवासी मजदूरी की सूची रोजाना अपडेट की जाए। प्रवासी मजदूर का नाम सूची में शामिल नहीं होने और उसमें कोरोना लक्षण मिलने पर संबंधित आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार, लेखपाल, पंचायत सचिव, ग्राम प्रधान, कोटेदार की जवाबदेही तय करके कार्रवाई होगी। बैठक में नोडल अधिकारी अशोक कुमार, एसपी अजय कुमार पांडेय, सीडीओ नगेंद्र शर्मा, सीएमओ डॉ. एके पांडेय, एसडीएम सदर रजनीकांत, सीओ सिटी अभय नरायन राय मौजूद रहे।
अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी
डीएम ने श्रमिकों के लिए बनाए गए आश्रय स्थलों का भी निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। दोनों स्थानों पर दो-दो सफाईकर्मी की छह-छह घंटे की ड्यूटी, एक-एक सफाई निरीक्षक 12 घंटे के लिए तैनात किए जाने के निर्देश दिए। दोनों स्थानों पर रोजाना सैनिटाइजिंग, कम से कम एक प्रभारी चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाए। सीएमओ, अधिशासी अधिकारी स्वयं दिन में दो बार निरीक्षण करें।
प्रवासी मजदूरों पर रखें विशेष नजर
डीएम ने कहा प्रवासी मजदूरों पर विशेष नजर रखी जाए। 24 मार्च के बाद जिले में आए प्रवासी मजदूरों की एसडीएम और बीडीओ सूची बनवाएं। सूची रोजाना अपडेट कराकर उसकी फीडिंग कराई जाए। सूची में शामिल प्रवासी मजदूरों को निशुल्क राशन दिलाया जाए। श्रम विभाग में पंजीकृत, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को भरण पोषण योजना का लाभ दिलाया जाए।