मैनपुरी। जिला पंचायत में चल रहे करोड़ों के टेंडर में कमीशन मांगने की शिकायत जिलाधिकारी से
की गई थी। इस मामले में अमर उजाला ने प्रमुखता से बृहस्पतिवार को समाचार भी प्रकाशित किया। खबर को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए जांच बैठा दी है। मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा को जांच अधिकारी बनाया गया है। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय में 16 करोड़ रुपये की लागत के कार्यों के टेंडर खुलने थे।
इसमें कुछ लोगों ने कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों पर दस प्रतिशत कमीशन लेकर चहेतों को टेंडर देने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और अपर जिलाधिकारी बीराम से की गई थी।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला ने प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। मामले में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा को जांच अधिकारी बनाते हुए पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जांच मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने जांच पूरी होने तक टेंडर न खुलने के आदेश दिए हैं। इससे जिला पंचायत कार्यालय में खलबली मच गई है।
अभिलेखों के साथ उपस्थित होंगे अपर मुख्य अधिकारी
मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने शुक्रवार को टेंडर प्रक्रिया से संबंधित सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को आदेशित किया है। साथ ही अपर मुख्य अधिकारी खुद भी मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराएंगे।
जिला पंचायत में टेंडर में कमशीन मांगने के मामले की जांच सौंपी गई है। अपर मुख्य अधकिारी को सभी अभिलेखों के साथ प्रस्तुत होने के लिए पत्र जारी किया गया है। जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।