कासगंज के ढोलना बॉर्डर पर बैठे हरियाणा से आए मजदूर
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कासगंज। गैर राज्यों और दूसरे शहरों में फंसे मजदूरों की घर वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। हरियाणा सरकार से कुछ राहत मिलते ही मजदूर जत्थों के साथ घरों की ओर निकल पड़े हैं। प्रवासियों को जिले की सीमाओं से गुजरने में परेशानियों का सामना जरूर करना पड़ रहा है। ये लोग पैदल ही सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं।
लॉकडाउन-2 से पहले जब गैर राज्यों और दूसरे शहरों में मजदूर फंस गए थे तो प्रदेश सरकार ने उन्हें घर वापस भेजने की व्यवस्था बनाई। उसके बाद लॉकडाउन का सख्ती से पालन शुरू कराया गया, लेकिन तब भी धीमे-धीमे मजदूर पैदल ही घर वापसी की कोशिश करते रहे। अब जब लॉकडाउन में तीन दिन शेष हैं उससे पहले ही हरियाणा से तमाम मजदूर घर वापसी की कोशिश में जुटे हैं।
हरियाणा में सरकार ने मजदूरों को घर भेजने के लिए राहत दी है। सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर प्रतिदिन पैदल जा रहे इन लोगों को जिले की सीमाओं में समस्या का सामना करना पड़ता है। हरियाणा से लौटे सुनहरी लाल ने बताया कि वह अपने 20 साथियों के साथ पैदल ही आ रहे हैं, लेकिन जिलों की सीमाओं पर पुलिस उन्हें रोक लेती है।
आगे आ रहे समाजसेवी
जो मजदूर दूसरे शहरों से पैदल ही जिले से गुजर रहे हैं। उनकी सेवा के लिए समाजसेवी आगे आ रहे हैं। बुधवार सुबह कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के जिला चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने नदरई में मजदूरों को जलपान कराया। यह मजदूर हरियाणा के पलवल से पैदल ही आए थे।