कासगंज में एक मरीज को हथठेले पर ले जाते उसके परिजन
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कासगंज। लॉकडाउन ने उन मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिनका इलाज महानगरों के अस्पतालों में चल रहा है। साधन संपन्न रोगी तो प्रशासनिक अनुमति से अपना इलाज निरंतर करा रहे हैं, लेकिन उन गरीबों के सामने समस्या हो जिनके पास साधन सीमित हैं। उनकी सेहत भगवान के भरोसे हैं। जैसे तैसे स्थानीय चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं।
जिला चिकित्सालय में किसी भी तरह के गंभीर रोग का कोई इलाज व परामर्श उपलब्ध नहीं है। गुर्दे की बीमारी से पीड़ित मरीज या फिर डायलिसिस कराने वाले रोगी भी परेशान हैं। बुधवार को गली सत्तार निवासी विनोद कुमार इसी के चलते परेशान नजर आए। विनोद चाट का ठेला लगाते हैं। वह पिछले कई माह से गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं। बरेली में उनका इलाज चल रहा है।
कुछ दिनों बाद ही उन्हें डायलिसिस के लिए बरेली जाना होता है। कोई वाहन आदि की सुविधा न होने के कारण वह फिलहाल बरेली नहीं जा पा रहे हैं। प्राईवेट एंबुलेंस या वाहन की व्यवस्था के लिए उनके पास रुपये भी नहीं हैं। इस स्थिति में वह अपने चाट के ठेल पर भाई के साथ स्थानीय चिकित्सक के यहां पहुंचे। जहां उनकी परामर्श से दवा ली। ऐसे तमाम रोगी हैं जिनका इलाज बाहर के चिकित्सकों से चल रहा है।
वे भी इसी तरह परेशान हैं। तमाम रोगों की दवाएं भी बाहर से आती हैं। ऐसी स्थिति में बाहर से आने वाली दवाएं भी कोरियर सेवा बंद रहने से नहीं आ पा रहीं। लोग परेशान हैं।
- कोई भी गंभीर रोगी मदद मांगता है तो तत्काल ही उन्हें बाहर जाने की अनुमति प्रदान की जाती है। किसी भी मरीज को कोई असुविधा न हो इस बात का ख्याल रखा जा रहा है। जिला चिकित्सालय में डायलसिस आदि की कोई सुविधा नहीं है- डा. प्रतिमा श्रीवास्वत, सीएमओ।