औरैया हादसे के बाद आगरा और मथुरा के सीमा पर सख्ती कर दी गई है। लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों को ट्रक और डीसीएम में लाने वाले चालक और वाहन स्वामी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश बॉर्डर के थानों की पुलिस को दिए गए। शनिवार को आईजी ए सतीश गणेश ने फतेहपुर सीकरी-राजस्थान सीमा और कोसी के कोटवन सीमा का दौरा किया।
शनिवार सुबह औरैया जिले में दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर एक ढाबे के पास रुकी मजदूरों से भरी डीसीएम को ट्रॉला ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में 24 श्रमिकों मौत हो गई थी। इस घटना के बाद लापरवाही बरतने और श्रमिकों को ट्रक में भेजने के थाना फतेहपुर सीकरी के इंस्पेक्टर भूपेंद्र सिंह बालियान को निलंबित कर दिया गया।
एडीजी जोन अजय आनंद ने बताया कि हादसे का शिकार हुए मजदूर डीसीएम में सवार थे। डीसीएम फतेहपुर सीकरी से होकर गुजरा था। पहले से निर्देश हैं कि मजदूरों को ट्रक और डीसीएम आदि वाहनो से न जाने दिया जाए। औरेया के मजदूरों को सीकरी में रोका नहीं गया, इसलिए थाना प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
शासन ने भारी वाहनों में आने वाले श्रमिक और मजदूरों को लाने के लिए बसों की व्यवस्था करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके लिए बॉर्डर पर ही पुलिस सक्रिय हो गई। आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि जो ट्रक, टैंकर, डीसीएम चालक अपने वाहन में मजदूरों को बैठाकर लाएंगे, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। वाहन को सीज किया जाएगा। मुकदमे में वाहन स्वामी को भी नामजद करेंगे।
प्रशासन की ओर से खाने का इंतजाम
मजदूरों के लिए प्रशासन की ओर से खाने का इंतजाम किया गया है। बॉर्डर पर पैदल, साइकिल और अपने वाहनों से आने वाले मजदूरों को रोका गया। उनके खाने और पीने के इंतजाम किए गए। इसके बाद बसों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
आईजी ने एडीजी रेवाड़ी और भरतपुर डीआईजी को लिखा पत्र
भरतपुर के डीआईजी और रेबाड़ी के एडीजी को आईजी ने पत्र लिखा है। इसमें कहा है कि ट्रकों सहित अन्य प्रकार के वाहनों से श्रमिकों को न आने दिया जाए। इस तरह के वाहनों को अपने क्षेत्र में ही रोककर कार्रवाई करें। बसों से मजदूरों के आने का इंतजाम किया जाए।
ठेका लेकर ला रहे ट्रक चालक
ट्रक चालक लोगों से मोटी रकम किराये के रूप में वसूलकर जिलों में पहुंचाने का ठेका ले रहे हैं। कई मजदूर फैक्टरी मालिकों की ओर से उपलब्ध कराए गए वाहनों से आ रहे हैं।
शाम तक 25 बसों में गए 1055 श्रमिक
कोटवन बॉर्डर पर मजदूरों के खाने पीने के इंतजाम किए गए थे। शाम तकरीबन पांच बजे तक बॉर्डर पर 1055 मजदूरों और उनके परिजनों को बसों से भेजा गया। इसके लिए 25 से अधिक बस लगाई गईं।