साहित्यकार धरम को मिला श्रेष्ठ गजलकार सम्मान
- लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड का भी मिला सम्मान
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। ग्वालियर में 8 अक्तूबर को आयोजित साहित्यकार सम्मान समारोह में मैनपुरी के गजलकार धर्मेंद्र सिंह धरम मैनपुरिया को श्रेष्ठ गजलकार पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। धरम को इसके अतिरिक्त लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड भी मिला है। धरम की इस सफलता पर जिले के साहित्यकारों ने बधाई दी है।
जनपद के शिक्षक साहित्यकार धर्मेन्द्र सिंह धरम, मैनपुरिया को उत्कृष्ट गजल लेखन के लिए इक्कीसवीं शताब्दी के श्रेष्ठ गजलकार के सम्मान से ग्वालियर के एडवोकेट खेड़कर कांफ्रेंस हॉल में सम्मानित किया गया। ग्वालियर साहित्य कला परिषद द्वारा श्रेष्ठ गजलकार सम्मान, लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड एवं अवॉर्ड ऑफ एक्सिलेंसी से गाउन व मैडल पहना कर उनका सम्मान किया गया। साहित्य कला परिषद के अध्यक्ष डॉ . रमेश कटारिया और वरिष्ठ साहित्यकार भगवान स्वरूप चेतन्य ने उन्हें सम्मानित किया। डॉ. रमेश कटारिया पारस द्वारा संपादित इस पुस्तक में देश के 75 श्रेष्ठ गजलकारों की आठ-आठ गजलों को स्थान दिया गया है। मैनपुरी के गजलकार धरम सिंह की भी आठ गजलों का इस पुस्तक के लिए चयन किया गया था। धरम अभी तक लगभग 2400 गजलें लिख चुके हैं।
धरम को यह सम्मान मिलने पर जनपद के साहित्यकार लाखन सिंह भदौरिया सौमित्र, दीन मोहम्मद दीन, वदन सिंह मस्ताना, श्रीकृष्ण मिश्र, पदम सिंह पद्म, सुरेश चौहान नीरव, शिव सिंह निसंकोच ने बधाई दी है।